सेहत के लिए रामबाण है अलसी का बीज, जानें कब और कैसे की जाती है इसकी खेती
Last Updated:
Flaxseed cultivation: रबी की फसल में अलसी की बुवाई की जाती है, क्योंकि अलसी सेहत का एक बेहतरीन खजाना माना जाता है. ऐसे में रवि की फसल में अलसी की बुआई कैसे करें और इसके लिए अलसी की कौन सी प्रजातियां बेहतर हैं. इसके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं. इसके साथ ही यह भी जानेंगे कि आखिर अलसी इतने महंगे दाम में क्यों बिकती है…
अलसी की खेती सुल्तानपुर में ठीक-ठाक क्षेत्रफल में होती है. ऐसे में रवि की फसल के दौरान अलसी की बुवाई चालू की जाने वाली है. लेकिन किसानों की अनभिज्ञता के कारण अलसी की पैदावार में हमेशा गिरावट हो जाती है. इसलिए आज के इस में जानेंगे कि आखिर अलसी की खेती किस विधि से करें ताकि किसानों को तगड़ा मुनाफा हो सके.

आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अलसी को सुपर फूड का दर्जा दिया गया है. सुल्तानपुर में इस फ़सल अलसी खेती कभी बड़े पैमाने पर होती थी, लेकिन अब बहुत कम हो गई है. लेकिन इसकी पैदावार को बढ़ाने के लिए खेती का असल तरीका क्या है आइए जानते हैं.

कृषि विज्ञान केन्द्र सुल्तानपुर में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉ जे बी सिंह ने लोकल 18 से बताया कि अलसी के बीज असिंचित क्षेत्रों में अक्टूबर के पहले पखवाड़े में और सिंचित क्षेत्रों में नवंबर के अंत तक बोए जाते हैं.अक्टूबर और नवंबर माह अलसी की बुवाई के लिए बेहतर माना जाता है.

आपको बता दें कि एक एकड़ में 10 किलोग्राम अलसी का बीज पर्याप्त माना जाता है. अगर हम अलसी की किस्मों की बात करें, तो अंसिंचित दशा के लिए पद्मनिया, लक्ष्मी-27, शारदा, जेएलएस-73, और जेएलएस-66 बेहतर प्रजाति का बीज माना जाता है.

अगर सिंचित और समान्य दशा में अलसी की बुवाई के लिए बीज को भूमि में 02 से 03 सेंमी की गहराई पर बोना चाहिए. इस फसल की खेती के साथ एक अच्छी बात यह है कि इसमें ज्यादा सिंचाई की ज़रूरत नहीं होती है. फिर भी अच्छी पैदावार के लिए 2-3 सिंचाई कर देना चाहिए.

वहीं इसको बोने से पहले अलसी के बीजों को कार्बेन्डाजिम की 2.5 से 03 ग्रा. मात्रा प्रति किग्रा. बीज की दर से उपचारित कर लेना चाहिए. इसके साथी खेतों को अच्छे से तैयार कर लेना चाहिए ताकि अलसी की पैदावार अच्छी हो.

अलसी एक औषधीय फसल है.आयुर्वेद में इसको दैवीय भोजन माना गया है.अलसी के बीज से तेल निकाला जाता है जो कई बीमारी में लाभदायक माना जाता है. डॉक्टर के अनुसार अलसी के नियमित सेवन से हार्ट अटैक ब्लड प्रेशर लिवर इनफेक्शन जोड़ में दर्द आदि की समस्या से निजात मिलती है.