10 हजार लागत, 1.5 लाख मुनाफा…गोंडा की अंकिता इस ट्रिक से उगा रहीं लौकी

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10 हजार लागत, 1.5 लाख मुनाफा…गोंडा की अंकिता इस ट्रिक से उगा रहीं लौकी


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10 हजार लागत, 1.5 लाख मुनाफा…गोंडा की अंकिता इस ट्रिक से उगा रहीं लौकी

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Lauki ki kheti : गोंडा की किसान अंकिता पारंपरिक तरीके को छोड़ मचान विधि से लौकी की खेती शुरू की है. इस तकनीक से उन्हें अच्छी पैदावार के साथ बेहतर क्वालिटी की लौकी मिल रही है, जो बाजार में पहुंचते ही हाथोंहाथ बिक जाती है. लोकल 18 से अंकिता बताती हैं कि वह पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं. पढ़ाई के साथ-साथ पानी संस्थान में सीआरपी (CRP) के पद पर कार्यरत हैं. नौकरी और पढ़ाई के बीच समय निकालकर खेती भी करती हैं. अंकित कहती हैं कि अगर खेती वैज्ञानिक तरीके से की जाए तो कम जमीन में भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

गोंडा. यूपी के गोंडा की रहने वाली अंकिता आधुनिक खेती अपनाकर दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन गई हैं. जिले के मुजेहना विकासखंड की रहने वाली अंकित पारंपरिक तरीके की जगह मचान विधि से लौकी की खेती शुरू की है. इस तकनीक से उन्हें अच्छी पैदावार के साथ बेहतर गुणवत्ता की लौकी मिल रही है, जिससे उनकी कमाई कई गुना बढ़ गई है. लोकल 18 से अंकिता बताती हैं कि पहले वह सामान्य तरीके से लौकी की खेती करती थीं, लेकिन उत्पादन उतना अच्छा नहीं मिलता था. इसके बाद कृषि विशेषज्ञों और पानी संस्थान की सलाह पर उन्होंने मचान विधि अपनाई. इस विधि में बांस, लकड़ी या लोहे की मदद से ऊंचा ढांचा बनाया जाता है, जिस पर लौकी की बेलें फैलती हैं. इससे फल जमीन को नहीं छूते, इसलिए वे साफ, सीधे और अच्छी गुणवत्ता के होते हैं. कीट और बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है.

अंकिता ने बताया कि वह पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं. पढ़ाई के साथ-साथ वह पानी संस्थान में सीआरपी (CRP) के पद पर कार्यरत हैं. नौकरी और पढ़ाई के बीच समय निकालकर खेती भी करती हैं. उनका कहना है कि यदि खेती वैज्ञानिक तरीके से की जाए तो कम जमीन में भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

कितने बीघे में उगाया

अंकिता बताती है कि हमको पानी संस्थान से आइडिया मिला है, पहले हम पारंपरिक तरीके से लौकी की खेती कर रही थी. जिसमें लागत अधिक लगता था और मुनाफा कम होता था, फिर हमके मचान विधि से लौकी की खेती कर रही हूं. अंकित बताती हैं कि इस समय लगभग एक से डेढ़ बीघा में मचान विधि से लौकी की खेती कर रहे हो भविष्य में इसको और आगे बढ़ाना है.

कितनी लगी लागत

अंकित बताती हैं कि एक से डेढ़ बीघा मचान विधि से लौकी की खेती में लगभग 10 से 12 हजार रुपये की लागत लगी है. 6 महीने में एक से डेढ़ लाख रुपये का इनकम हो चुका है. सालाना 3 से 3.5 लाख रुपये का इनकम हो जाता है. अंकिता की सफलता से आसपास के किसान भी मचान विधि से लौकी की खेती करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

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