1945 में दो संस्थापकों मनोहर व भूषण ने बरेली में खोला एमबी कॉलेज, जाने इतिहास

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1945 में दो संस्थापकों मनोहर व भूषण ने बरेली में खोला एमबी कॉलेज, जाने इतिहास


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डॉ. शर्मा के अनुसार कि उस समय समाज के प्रतिष्ठित और संपन्न लोग शिक्षा के प्रसार के लिए विद्यालयों की स्थापना करते थे. इसी सोच के साथ इस संस्थान की नींव रखी गई, ताकि स्थानीय बच्चों को बेहतर और सस्ती शिक्षा उपलब्ध हो सके.अंग्रेजों के समय में बने इस विद्यालय का वास्तुशिल्प आज भी अंग्रेजों के समय परानी इमारत की याद दिलाता है. कॉलेज की इमारत का निर्माण उसी तर्ज पर किया गया. जिस तरह बरेली कॉलेज, गवर्नमेंट इंटर कॉलेज और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसी ऐतिहासिक इमारतें बनाई गई थीं.

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बरेली: बरेली के इज्जतनगर में स्थित मनोहर भूषण इंटर कॉलेज एक ऐसा शैक्षणिक संस्थान, जिसने दशकों से हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा दी है. अंग्रेजों के दौर में स्थापित यह विद्यालय आज भी अपनी ऐतिहासिक पहचान, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है. यूंपी बोर्ड के द्वारा हिंदी मीडियम शिक्षा संस्थान बना हुआ है.

वरिष्ठ इतिहासकार डॉक्टर राजेश कुमार शर्मा ने लोकल 18 को बताया कि मनोहर भूषण इंटर कॉलेज, जिसे एमबी इंटर कॉलेज के नाम से भी जाना जाता है. बरेली के गांधी नगर क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान है. इसकी स्थापना 1945 स्वतंत्रता पूर्व के दौर में मनोहर देवी और डॉ. सत्य भूषण द्वारा की गई थी. दोनों संस्थापकों के नाम को मिलाकर ही इस विद्यालय का नाम मनोहर भूषण रखा गया है.

ऐतिहासिक इमारत का किया गया निर्माण

डॉ. शर्मा के अनुसार कि उस समय समाज के प्रतिष्ठित और संपन्न लोग शिक्षा के प्रसार के लिए विद्यालयों की स्थापना करते थे. इसी सोच के साथ इस संस्थान की नींव रखी गई, ताकि स्थानीय बच्चों को बेहतर और सस्ती शिक्षा उपलब्ध हो सके.अंग्रेजों के समय में बने इस विद्यालय का वास्तुशिल्प आज भी अंग्रेजों के समय परानी इमारत की याद दिलाता है. कॉलेज की इमारत का निर्माण उसी तर्ज पर किया गया. जिस तरह बरेली कॉलेज, गवर्नमेंट इंटर कॉलेज और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसी ऐतिहासिक इमारतें बनाई गई थीं.

शिक्षा के प्रसार में है सहायक

मनोहर देवी और सत्य भूषण जी ने इस स्कूल की नींव रखी थी. अंग्रेजों के समय में शिक्षा के प्रसार के लिए इस तरह के संस्थानों को बढ़ावा दिया जाता था. इस कॉलेज से पढ़े हुए कई विद्यार्थी आज बड़े पदों पर कार्य कर रहे हैं. और शहर का नाम रोशन कर रहे हैं.उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त यह संस्थान आज भी कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा प्रदान कर रहा है. विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्ग की पढ़ाई के साथ-साथ एनसीसी, एनएसएस और स्काउट गाइड जैसी गतिविधियों में भी यह कॉलेज अग्रणी माना जाता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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