5 साल में पूरी तरह बदल जाएगा CSJMU! आखिर ऐसा क्या होने वाला है?
कानपुर: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) अगले पांच वर्षों में पूरी तरह नए स्वरूप में नजर आएगा. विश्वविद्यालय को शिक्षा, शोध, खेल और आधुनिक तकनीक का ऐसा केंद्र बनाने की तैयारी है, जहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों के छात्र भी बड़ी संख्या में पढ़ाई के लिए आएं. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक का कहना है कि उनका लक्ष्य CSJMU को पारंपरिक विश्वविद्यालय की सीमाओं से आगे ले जाकर एक ग्लोबल सेंटर के रूप में स्थापित करना है.
प्रो. पाठक के अनुसार, विश्वविद्यालय में शिक्षा, संस्कार और खेलों को समान महत्व दिया जाएगा. साथ ही शोध गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विस्तार देने पर भी विशेष फोकस रहेगा. उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में CSJMU प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में अपनी अलग पहचान बनाएगा.
प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों में उत्साह
नए शैक्षणिक सत्र के लिए विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया तेज गति से चल रही है. इंजीनियरिंग और पैरामेडिकल जैसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों की अधिकांश सीटें भर चुकी हैं, जबकि अन्य कोर्सों में भी 70 से 80 प्रतिशत तक प्रवेश हो चुके हैं. कुलपति का कहना है कि कैंपस कोर्सों के प्रति छात्रों का रुझान लगातार बढ़ रहा है. इसी वजह से प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून तक की गई है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अवसर मिल सके.
A++ ग्रेड के पीछे रही सामूहिक मेहनत
हाल ही में विश्वविद्यालय को NAAC की A++ ग्रेडिंग मिली है. प्रो. विनय पाठक इसे शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानते हैं. उनके मुताबिक, कैंपस के बुनियादी ढांचे में सुधार, नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सामाजिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने जैसे प्रयासों ने इस उपलब्धि को संभव बनाया. विश्वविद्यालय परिवार ने एक लक्ष्य तय किया था और उसी दिशा में मिलकर काम किया.
नई शिक्षा नीति से बदली पढ़ाई की दिशा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू होने के बाद विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रमों और परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव किए हैं. शुरुआत में चुनौतियां जरूर थीं, लेकिन शिक्षकों ने खुद को नई व्यवस्था के अनुरूप ढाला. इसका परिणाम यह रहा कि विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कर सफलतापूर्वक परीक्षाएं और परिणाम भी जारी किए.
स्पोर्ट्स, कल्चरल और पैरामेडिकल हब बनाने की तैयारी
विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम और सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक तैयार हो चुका है. कुलपति का दावा है कि यह प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में अपनी तरह की अनूठी सुविधा है. अब लक्ष्य केवल खेलों तक सीमित नहीं है. विश्वविद्यालय को स्पोर्ट्स हब के साथ-साथ कल्चरल, साइकोलॉजिकल काउंसिलिंग और पैरामेडिकल शिक्षा का भी प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है.
AI से बदलेगी छात्रों की पढ़ाई
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है. छात्रों की मदद के लिए ‘नारद AI असिस्टेंट’ शुरू किया गया है, जिससे प्रवेश और अन्य जानकारियां आसानी से मिल सकेंगी. वहीं शोधार्थियों के लिए ‘व्यास AI’ लॉन्च किया गया है. विश्वविद्यालय ने AI आधारित कई शोध परियोजनाओं के लिए लाखों रुपये का बजट भी स्वीकृत किया है. आने वाले समय में छात्रों को AI तकनीक में दक्ष बनाने पर विशेष जोर रहेगा.
डिग्री कॉलेजों में घटती छात्र संख्या बनी चिंता
CSJMU से कानपुर सहित कई जिलों के 500 से अधिक डिग्री कॉलेज संबद्ध हैं. इतने बड़े नेटवर्क का संचालन चुनौतीपूर्ण है, लेकिन कुलपति का मानना है कि टीमवर्क की बदौलत यह संभव हो रहा है. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि डिग्री कॉलेजों में घटती छात्र संख्या चिंता का विषय है. इसे उन्होंने अपनी सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि आने वाले समय में कॉलेजों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे.
ओरिएंटेशन, आधुनिक लैब और बेहतर प्लेसमेंट पर फोकस
नए सत्र में विश्वविद्यालय छात्रों के लिए व्यापक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करेगा. इसके जरिए नए विद्यार्थियों को शिक्षकों, विभागों और कैंपस की गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा. आधुनिक प्रयोगशालाओं, नए वोकेशनल कोर्सों और प्लेसमेंट की संभावनाओं की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि छात्र शुरुआत से ही अपने करियर की बेहतर योजना बना सकें
AI थीम पर होगा दीक्षांत समारोह
9 जुलाई को होने वाला विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भी इस बार खास होगा. समारोह की थीम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रखी गई है. इसके साथ ही मां-बेटी सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा. कुलपति का कहना है कि शिक्षा के साथ संस्कारों को जोड़ना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है और दीक्षांत समारोह इसी सोच को आगे बढ़ाएगा. प्रो. विनय पाठक का मानना है कि आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत शोध संस्कृति और खेल सुविधाओं के सहारे CSJMU आने वाले पांच वर्षों में नई ऊंचाइयों को छुएगा और वैश्विक पहचान हासिल करेगा.