पश्चिमी यूपी में उगा ‘गुलाबी’ चकोतरा, COER यूनिवर्सिटी की रिसर्च; अब किसानों की आय होगी चार गुना
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Cultivation of grapefruit: चकोतरा फल विटामिन सी से भरपूर होता है, जबकि बाहर से हार और अंदर से गुलाबी निकलता है. यह फल बरसात के मौसम में आता है. एक पेड़ से कई कुंतल फल निकलता है. COER यूनिवर्सिटी के द्वारा चकोतर…और पढ़ें
अब पश्चिम यूपी के किसान भी इस अनोखे फल की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आपको बता दे कि COER यूनिवर्सिटी के द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रकार के पौधों पर रिसर्च कर उनको यहां के क्षेत्र के अनुकूल बनाया जाता है. उसी कड़ी में चकोतरा फल जो कि अक्सर पहाड़ी क्षेत्रों में होता है. लेकिन अब उसको इस तरीके से रिसर्च कर तैयार किया जा रहा है कि वह यहां के मौसम में भी अब अच्छा फल दे रहा है.
किसानों की आय बढ़ेगी
कोएर यूनिवर्सिटी से संदीप चौधरी ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि COER यूनिवर्सिटी में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के द्वारा विभिन्न पौधों पर रिसर्च किया जाता है और यहां पर किसानों की आय को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास किए गए है, जिसमें वह सफल भी रहे है. उसी कड़ी में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के रिसर्च सेंटर में चकोतरा जिसको नींबू वंश का सबसे बड़ा फल कहा जाता है. बगीचा लगाया गया है.
चकोतरा विटामिन-सी से भरपूर होता है जो की एनर्जी बूस्टर का काम भी करता है. यह बाहर से हरा दिखाई देता है और अंदर से गुलाबी निकलता है. इसकी खेती पहाड़ों पर होती है लेकिन पश्चिमी यूपी क्षेत्र में भी यह अब आसानी से हो पा रहा है. इसलिए यहां के किसानों के लिए यह अच्छी खबर है कि अब यहां के किस भी इस चकोतरा की खेती कर अपनी आय को भी बढ़ा सकते हैं. साथ ही यह खाने में काफी स्वादिष्ट लगता है और उसके अनेकों फायदे भी होते हैं.
कम दाम पर पौधे
चकोतरा के COER यूनिवर्सिटी के द्वारा पौधे तैयार किए जा रहे हैं. साथ ही अगर किसी किसान भाई को चकोतरा से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त करनी हो तो वह यूनिवर्सिटी के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट से संपर्क कर सकते हैं. किसानों के लिए कम दाम पर पौधे और सटीक जानकारी उपलब्ध उनको कराई जाएगी.