वृंदावन में प्रेम और भक्ति का अद्भुत संगम, देखें आश्रम की दिव्य छटा
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वृंदावन स्थित राधा केलि कुंज आश्रम में इस बार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भक्ति, श्रद्धा और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज के सान्निध्य में आश्रम को राधा रानी के अलौकिक सिंगार से सजाया गया है, जिसे देखकर भक्त भावविभोर हो उठे हैं. हजारों श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारी पूरी कर ली गई है और पंडाल से लेकर सेवा व्यवस्था तक हर पहलू को दिव्यता और भक्ति भाव से भर दिया गया है.
वृंदावन के प्रख्यात संत कहे जाने वाले प्रेमानंद महाराज के आश्रम राधा केलि कुंज में गुरु पूर्णिमा की तैयारी पूर्ण हो गई है. राधा रानी का अद्भुत और अलौकिक सिंगार किया गया है. यहां आने वाले भक्तों के लिए भी व्यवस्थाएं की गई है.

कोई कमी भक्तों की व्यवस्था में ना रह जाए इसलिए पंडाल भी अद्भुत और अलौकिक बनाया गया है. हजारों की संख्या में प्रेमानंद महाराज के अनुयाई वृंदावन पहुंचेंगे. राधा रानी के भजन में लीन होकर वृंदावन की धरा पर लाडली के अनन्य भक्त प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेंगे. उन्हें गुरु बनाएंगे. इसलिए वृंदावन के राधा केलि कुंज आश्रम को भव्यता दी गई है.

तस्वीरों में अगर आप देखेंगे, तो आश्रम की तस्वीर मनमोहक है. यहां व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने के लिए लगातार प्रेमानंद महाराज की सेवादार लगे हुए हैं. राधा रानी के भजन भी यहां लगातार बजाए जा रहे हैं.

राधा रानी के भजन भी यहां लगातार बजाए जा रहे हैं. राधा रानी का मनमोहक श्रृंगार किया गया है और जो भी भक्त राधा रानी की इस छवि को देख रहा है, वह उस छवि की ओर निहारता नजर आ रहा है. आंखों से वह छवि हटती नहीं है. राधा रानी की सेवा में सेवादार लगातार लगे हुए हैं. उन्हें जिस तरह से वस्त्र और आभूषण धारण कराए हैं, वह अद्भुत और अलौकिक दिखाई दे रहे हैं.

वह उस छवि की ओर निहारता नजर आ रहा है. आंखों से वह छवि हटती नहीं है. राधा रानी की सेवा में सेवादार लगातार लगे हुए हैं. उन्हें जिस तरह से वस्त्र और आभूषण धारण कराए हैं, वह अद्भुत और अलौकिक दिखाई दे रहे हैं. यहां की तस्वीर लोग देख कर आश्चर्यचकित है.

जो भी व्यक्ति यहां आ रहा है, उसे राधा रानी की भक्ति में सराबोर होकर राधा रानी की महिमा की गुणगान कर रहा है. लाडली को जिस तरह से तैयार किया गया है. लाडली की प्रतिमा जिस तरह से सजाई सवारी गई है, देखते ही मन गदगद हो उठा है.

राधा रानी को भक्त लाड लड़ाने के लिए पहुंच रहे हैं. उन्हें झूला झूलने के लिए पहुंच रहे हैं. राधा रानी के श्रृंगार को देखकर श्री कृष्ण भी गदगद हो उठे हैं. उन्हें जिस तरह से स्वर आ गया है. राधा रानी की छवि कृष्ण ने एक टक लगाकर देख रहे हैं. राधा रानी के ऊपर गुलाब के फूलों की पंखुड़ियां को वर्षा कर उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश की जा रही है.