Ground Report : ‘अचानक मची चीख-पुकार’, कैसे गिरा बांके बिहारी मंदिर के बाहर छज्जा?
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Ground Report banke bihari accident : इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. छज्जे पर बंदरों के झूलने के कारण हादसा हुआ. जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि शाम करीब साढ़े 6 बजे सुधीर गोस्वामी के मकान का छज्जा 5 नंबर गेट वृंदावन से करीब 200 मीटर दूरी पर गिर गया. एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसे नोएडा के हायर सेंटर में रेफर किया गया है. लोकल 18 की टीम बांके बिहारी मंदिर के गली नंबर-5 में पहुंची.
मथुरा. भगवान बांके बिहारी की नगरी में एक मकान का छज्जा श्रद्धालुओं के ऊपर गिरने से चीख पुकार मच गई. शोरगुर सुन आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकले और छज्जा गिरने से घायल श्रद्धालुओं को बचाने का कार्य तेजी से शुरू किया गया. इस हादसे में करीब नौ लोगों को चोटें आई हैं. एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसे नोएडा के हायर सेंटर में रेफर किया गया है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा मकान का छज्जा गिरने से हुआ. शाम के समय बंदर इधर-उधर भाग रहे थे. छज्जे पर कई बंदरों के लगातार कूदने से वह टूटकर रास्ते से जा रहे श्रद्धालुओं के ऊपर गिर गया. मामला मंदिर के निकट गली नंबर-5 का है.
व्यवस्था के नाम पर खानापूर्ति
पुलिस की ओर से क्षेत्र को सुरक्षित कर जांच की जा रही है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की है. हादसे के बाद मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. लोकल 18 की टीम बांके बिहारी मंदिर के गली नंबर-5 में पहुंची. लोकल 18 से बातचीत में स्थानीय लोगों ने बताया कि जब भी हादसे होते हैं, तो व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है, लेकिन चार दिन बीतने के बाद फिर प्रशासन और पुलिस का वही रवैया शुरू हो जाता है. व्यवस्था के नाम पर खानापूर्ति हो रही है.
टूट जाती है नींद
लोकल 18 से स्थानीय युवा प्रशांत गोस्वामी ने बताया कि हम लोग घर में थे. अचानक लोगों के चीखने की आवाज सुनाई दी, तो हम घर से बाहर निकले. हमने देखा कि कुछ लोगों के सिर और हाथों से खून निकल रहा है. हमने तुरंत उन्हें बचाने का प्रयास किया. बाद में देखा गया कि सामने वाले मकान के छज्जे के टूटने के अवशेष पड़े हुए हैं. लोगों का यह भी कहना है कि मकान पुराना है, इसलिए छज्जा टूटकर गिर गया. व्यवस्था केवल दिखावे के लिए है. कोई भी व्यवस्था यहां नहीं की जगह गई है. पहले भी कई बार हादसे से हो चुके हैं. हादसा होता है, तो प्रशासन की नींद टूट जाती है. फिर वहीं ढाक के तीन पात सामने आते हैं.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें