Ground Report : पुराना झट से तोड़ा दिया, नया दो साल से बना रहे…मुरादाबाद में पुल बना सिरदर्द, पुल से ज्यादा ‘कछुआ’ मुसीबत
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Moradabad Ground report : कपूर कंपनी का पुल जर्जर होने पर तोड़ दिया गया. रेलवे ने टेंडर जारी कर नया पुल बनवाना शुरू किया, जिसका काम चल रहा है. समस्या पुल नहीं, कछुआ है.
मुरादाबाद. यूपी के मुरादाबाद में कपूर कंपनी को शहर का मुख्य पुल माना जाता है. यह लाइन पार, प्रकाश नगर को शहर से जोड़ता है. लाइन पार, प्रकाश नगर में कारोबारी रहते हैं. तरह-तरह का कारोबार उस एरिया में होता है. लेकिन कपूर कंपनी का पुल टूटने से कारोबार मंदी के चपेट में आ गया है. मुख्य समस्या पुल बनने का काम कछुए की गति से होना है. लोगों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. रेलवे तमाम वादे करता है कि जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा. लेकिन जमीन पर दावे हवाहवाई नजर आ रहे हैं. पुल का काम काफी धीमी गति से चल रहा है. अनुमान जताया जा रहा है कि अभी पुल को बनने में काफी समय लग जाएगा.
तोड़ना पड़ा क्योंकि
कपूर कंपनी का यह पुल पुराना और जर्जर होने की वजह से तोड़ दिया गया था. रेलवे ने टेंडर जारी कर नया पुल बनवाना शुरू कर दिया, जिसका काम चल रहा है. स्थानीय लोगों की मानें तो पुल का काम काफी धीमी गति से चल रहा है. यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग गुजरते थे. अब उन्हें मजबूरन लोकसैड पुल का सहारा लेना पड़ रहा है. लोकोसैड पुल पर काफी घूमकर और कई किलोमीटर का सफर तय कर रेलवे स्टेशन रोड पर आना होता है. यहां बड़ी पैमाने पर दुकानें हैं. कारोबारी रहते हैं. जो लोग रेलवे स्टेशन की तरफ से आते थे. वह सीधा इसी पुल से होकर आ जाते थे और मार्केट में शॉपिंग कर लेते थे. लेकिन अब इस पुल के न होने की से लोग इधर बहुत कम आते हैं. इसकी वजह से कारोबारियों को मंदी का सामना करना पड़ रहा है.
जान जोखिम में
स्थानीय दुकानदार रामलाल सैनी कहते हैं कि इस पुल को बंद हुए 2 साल से अधिक का समय हो गया है. पुल के न शुरू होने से हमारा कारोबार डाउन हो गया है. रोजी-रोटी पर संकट गहरा रहा है. स्कूली बच्चे और लोग पुल के न होने से नीचे रेलवे क्रॉसिंग को पार कर जान जोखिम में डालकर लाइन तक आते हैं. रेलवे के अधिकारियों से यही अपील है कि जल्द से जल्द पुल को पूरा कराया जाए.