Ground report: रोते-रोते अपने ही आशियाने को तोड़ रहे इस गांव के लोग, ऐसी क्या मजबूरी, जानें सब

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Ground report: रोते-रोते अपने ही आशियाने को तोड़ रहे इस गांव के लोग, ऐसी क्या मजबूरी, जानें सब


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UP News: लखीमपुरखीरी जिले में शारदा नदी की तबाही लगातार जारी है. शारदा की तबाही के कारण जिन हाथों से लोगों ने अपना रहने के लिए आशियाना बनाया था आज उन्हीं हाथों से अपने आशियाने को नष्ट कर रहे हैं.

लखीमपुर-खीरी: यूपी के लखीमपुर-खीरी जिले में शारदा नदी की तबाही लगातार जारी है. शारदा की तबाही के कारण जिन हाथों से लोगों ने अपना रहने के लिए आशियाना बनाया था, आज उन्हीं हाथों से अपने आशियाने को नष्ट कर रहे हैं. गांव के लोगों ने बताया कि मेहनत मजदूरी कर अपना घर बनाया था, परंतु अधिकारियों की उदासीनता के चलते शारदा नदी का कटान लगातार जारी है. इस वजह से कई मकान नदी में समा गए. उसी को देखते हुए हम अपने मकान को अपने हाथों से तोड़ रहे हैं. जिससे हमें कुछ ईंट मिल जाए. पलायन कर कहीं आशियाना बनाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर सकेंगे.

हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि निगलने के बाद गोला तहसील के करसौर गांव की शारदा नदी की क्रूर लहरें का कटान बढ़ता जा रहा है. इससे तटवर्ती बाशिंदों में दहशत है. कटान के भय से चंद्रिका प्रसाद अपने ही हाथों अपना आशियाना उजाड़ने को मजबूर हैं. अब वो कहां जाएंगे इस सवाल पर वह भावुक हो गए. वहीं, स्थानीय महिला सुशीला ने दुखी मन से बताया कि करसौर गांव में लगातार शारदा नदी का कटान जारी है. जिस कारण हम लोग दहशत में हैं. अपने आशियाने को अपने हाथों ही तोड़ रहे हैं.

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शारदा नदी की धारा के तटवर्ती कुछ लोग मकान तोड़ने की तैयारी बना रहे हैं तो वहीं पलायन के लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुटे हैं. करसौर के रहने वाले ग्रामीणों के मकान कटान की जद में आ गए हैं. लोग घरों से सामान निकाल कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं. इन लोगों का आरोप है कि कटान रोकने और गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. नदी का पानी कम होते ही कटान शुरू हो जाता है.

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