Jhansi News: पत्नी की मौत नहीं हुई बर्दाश्त, पति ने भी 12 घंटे के भीतर त्याग दिए प्राण, एक-साथ उठी दोनों की अर्थी तो पूरा गांव रो दिया
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Jhansi News: झांसी जिले के गरौठा कस्बे से सामने आई एक दिल को छू लेने वाली कहानी, जहां 50 साल साथ निभाने वाले बुजुर्ग दंपती ने मौत के बाद भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. पत्नी के निधन के 12 घंटे के भीतर पति ने भी प्राण त्याग दिए और दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. यह प्रेम और समर्पण की मिसाल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
झांसी: दिल को छू लेने वाला बेहद मार्मिक मामला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से सामने आया है. इस किस्से को जिसने भी सुना वो भावुक हो उठा. जी हां… इस किस्से ने हर किसी की आंखों को नम कर दिया. दरअसल, यहां एक बुजुर्ग दंपती ने न सिर्फ जिंदगी भर साथ निभाया, बल्कि मौत के बाद भी उनका (एक-दूसरे) साथ नहीं टूटा. पहले पत्नी की मौत हुई और फिर करीब 12 घंटे बाद पति ने भी अपने प्राणा त्याग दिए. मरने के बाद दोनों पति-पत्नी की अर्थी एक साथ उठी.
एक-दूसरे के बिना मुमकिन नहीं था जीना
रामदेवी की तबीयत 4 अक्टूबर की सुबह अचानक बिगड़ी और उनका निधन हो गया. इस दुःख की खबर घर में फैली, तो रिश्तेदार और परिचित एकत्रित हो गए. उनके पार्थिव शरीर को बेटे के आने तक फ्रीजर में रखा गया. लेकिन, इस दुःख को सहना रामरतन के लिए बेहद मुश्किल हो गया. उन्होंने पत्नी के अंतिम संस्कार से पहले ही प्राण त्याग दिए.
मौत के बाद भी साथ, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार
रविवार सुबह 9 बजे, गरौठा नगर में रामरतन और रामदेवी का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. दोनों की अर्थी एक साथ उठी, जिसे देख सभी मौजूद लोग भावुक हो उठे. स्थानीय लोग इस घटना को सच्चे प्रेम और समर्पण का अद्भुत उदाहरण बता रहे हैं. वेद शास्त्रों के अनुसार, पति-पत्नी का साथ पंछतत्त्व में एक साथ विलीन होना बेहद दुर्लभ माना जाता है.
गरौठा में शोक, और पुण्य आत्माओं की शांति की प्रार्थना
गरौठा नगर में शोक का माहौल है. पूरा कस्बा इस जोड़े की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा हैय रामरतन गुप्ता, जो एक प्रतिष्ठित व्यापारी थे, और उनकी पत्नी रामदेवी की जोड़ी ने साबित कर दिया कि सच्चा प्यार जीवन भर साथ निभाता है, यहां तक कि मौत के बाद भी. बता दें, रामरतन के तीन बच्चे अरविंद, धमेंद्र और उपेंद्र गुप्ता हैं. रतन गुप्ता मूल रुप से हमीरपुर जिले के रहने वाले थे और शादी के यहां आकर रहने लगे थे.

राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा…और पढ़ें
राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा… और पढ़ें