Kanpur News: पटोला कारीगरों की मेहनत अब होगी आधी, आमदनी होगी दोगुनी! IIT कानपुर बदलेगा पूरी तस्वीर, जानें कैसे
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Kanpur Latest News: गुजरात की पारंपरिक पटोला बुनाई कला को अब आधुनिक तकनीक की मदद से सरल बनाया जाएगा. आईआईटी कानपुर और क्राफ्टरूट्स संस्था मिलकर इस कला को बचाने और सुधारने के लिए काम कर रहे हैं.
कानपुर: गुजरात की मशहूर पटोला कारीगरी भारत की विरासत में एक अनमोल धरोहर है. यह कला अपने जटिल डिजाइनों और महीनों लगने वाले मेहनत के लिए जानी जाती है. हालांकि, इसकी जटिलता और समय लेने वाली प्रक्रिया कारीगरों के लिए चुनौतियां पैदा करती है. इसी चुनौती को दूर करने के लिए क्राफ्टरूट्स संस्था और आईआईटी कानपुर ने मिलकर एक योजना बनाई है. इस योजना के तहत पटोला बुनाई के काम को आसान बनाने के लिए छोटे उपकरण तैयार किए जा रहे हैं.
कारीगरों को तकनीकी प्रशिक्षण और सहायता
क्राफ्टरूट्स संस्था की संस्थापक अनार बेन पटेल ने बताया कि इस परियोजना में आईआईटी कानपुर की टीम लगातार सहयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि लक्ष्य है पारंपरिक कारीगरों को तकनीकी सहूलियत प्रदान करके उनके काम को आसान बनाना और उनकी आमदनी दोगुनी करना.
निवेश और रोजगार के अवसर
इस परियोजना में दो करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. अनार पटेल ने बताया कि इसका फायदा केवल पुराने कारीगरों को ही नहीं मिलेगा बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. तकनीकी उपकरणों की मदद से पटोला बुनाई का काम तेज, सुंदर और सटीक होगा.
आईआईटी कानपुर और आर्ट फॉर्म मिलकर ऐसे उपकरण बनाएंगे जो बुनाई की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाएंगे. इससे इस कला की प्रगति होगी और कारीगरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. इस पहल से पटोला कारीगरी की विरासत संरक्षित रहने के साथ-साथ नई पीढ़ी के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे.
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें