LIVE: अखिलेश यादव को देर रात पुलिस ने छोड़ा, यूपी में समर्थकों ने धरना-प्रदर्शन खत्म
Akhilesh Yadav News: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है. इस कार्रवाई के विरोध में सपा के तमाम बड़े नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करने के लिए सीधे उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंच गए. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल और वरिष्ठ नेता राजपाल कश्यप के नेतृत्व में हुआ. कार्यकर्ताओं ने उग्र होते हुए विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की और राज्य सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. अचानक बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं के विधानसभा पहुंचने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
इटावा में भी विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं. सपा चीफ की गिरफ्तारी के विरोध में यहां पार्टी कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन कर धरने पर बैठ गए हैं. इटावा के शास्त्री चौराहे पर बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं. इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव गोपाल यादव कर रहे हैं.
अपडेट
लखनऊ में विरोध: समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज लखनऊ में कई जगह प्रदर्शन किया. अखिलेश यादव को दिल्ली में डिटेन किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया. पुलिस ने सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल को हिरासत इको गार्डन भेजा था. हालांकि, ताजा खबर के अनुसार, इको गार्डन से उन्हें रिहा कर दिया गया है. समाजवादी पार्टी के दर्जनों नेताओं को भी बारी बारी करके रिहा किया जा रहा है. समाजवादी पार्टी ने आज हजरतगंज, कैसरबाग, परिवर्तन चौक और जीपीओ पर प्रदर्शन किया था.
मैनपुरी: दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी से मैनपुरी में भी आक्रोश देखा जा रहा है. मैनपुरी में सपा नेताओं ने धरना प्रदर्शन और नारेबाजी किया. सपा कार्यकर्ताओ ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर की हंगामा जमकर नारेबाजी की. धरना प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस पहुंची. हालांकि, कई जगहों से खबर आ रही है कि अखिलेश यादव के रिहा होते ही समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करना बंद कर दिया.
ताजा अपडेट: दिल्ली पुलिस ने अखिलेश यादव को हिरासत से छोड़ा दिया है. वहीं, राष्ट्रीय नेताओं की गिरफ्तारी पर सपा नेता इकरा हसन ने कहा कि अब इस्तीफे से सिर्फ काम नहीं चलेगा. देश में लोकतंत्र खत्म हो चुका है.
देवरिया: अखिलेश यादव और राहुल गांधी को हिरासत लेने के विरोध में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सुभाष चौक पर धरना प्रदर्शन शुरू किया. केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. वे अखिलेश यादव,राहुल गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत से छोड़ने की मांग कर रहे हैं. जिला मुख्यालय के सुभाष चौक पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स और एसडीम तहसीलदार जमे हुए हैं.
बाराबंकी: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के विरोध में बाराबंकी में भी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. हाथों में पार्टी के झंडे और अखिलेश यादव के पोस्टर लेकर कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अखिलेश यादव की गिरफ्तारी लोकतंत्र की आवाज दबाने की साजिश है. सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर गिरफ्तारी वापस नहीं ली गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. मौके पर भारी मात्रा मे पुलिस बल तैनात है.
प्रतापगढ़ में भी सपा का विरोध प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले भी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध कर रहे हैं. घटना के विरोध में सैकड़ों की संख्या में सपा कार्यकर्ता शहर के प्रमुख अंबेडकर चौराहे पर इकट्ठा हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने इस गिरफ्तारी को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए अपना विरोध जताया. अचानक हुए इस बड़े प्रदर्शन और हंगामे को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से अंबेडकर चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि शांति व्यवस्था बनाए रखी जा सके.
दिल्ली में अखिलेश की विरोध की आग फतेहाबाद तक पहुंच गई है. ताजगंज क्षेत्र के फतेहाबाद रोड स्थित सपा कार्यालय के बाहर भी सपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. गुस्साए सपाइयों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. फिलहाल पुलिस की टीम आक्रोशित कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने और जाम खुलवाकर यातायात को सुचारू कराने के प्रयास में जुटी हुई है.
प्रमोद तिवारी का बयान
राहुल गांधी की गिरफ्तारी के बाद राज्यसभा में डिप्टी लीडर प्रमोद तिवारी का बयान आया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विनाश काले विपरीत बुद्धि. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी देश के लिए शहादत देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे और इंदिरा गांधी के पोते हैं, लेकिन उन्हें वह सरकार गिरफ्तार कर रही है, जो 1942 में अंग्रेजों का साथ दे रही थी.’ प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया है कि देश का युवा सड़कों पर पिट रहा है और उसकी आवाज़ उठाने पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिंसक तरीके से गिरफ्तार किया जा रहा है. प्रमोद तिवारी ने कहा है कि दीवार पर लिखी इबारत साफ दिख रही है कि मोदी सरकार का अंत निकट है.
शाहजहांपुर में कांग्रेस का विरोध
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से शहर भर में पैदल मार्च करते हुए एक विशाल मशाल जुलूस निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान कांग्रेसियों ने सरकार पर छात्रों की आवाज को बर्बरता से दबाने का आरोप लगाया और इस पूरे घटनाक्रम का कड़ा विरोध जताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है.
जौनपुर में भी सपा कार्यकर्ताओं का विरोध
जौनपुर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपाइयों का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस कार्रवाई के विरोध में भारी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौराहे पर इकट्ठा होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के जरिए कार्यकर्ता अपने नेता की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध जता रहे हैं. वहीं, हालात को नियंत्रण में रखने और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कोतवाली मड़ियाहूं चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
बस्ती में भी भारी विरोध
अखिलेश यादव और राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस कार्रवाई के विरोध में सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारी लगातार अपने नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग पर अड़े हुए हैं और साथ ही प्रधानमंत्री व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. कार्यकर्ताओं की बढ़ती भीड़ और हंगामे को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से मौके पर दो एसडीएम (SDM) सहित भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है.