NEET में नंबर 1 रैंक, कोरोना बना turning point, अब डॉक्टर बनने का सपना साकार

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NEET में नंबर 1 रैंक, कोरोना बना turning point, अब डॉक्टर बनने का सपना साकार


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NEET Success Story: कोरोना महामारी ने जहां दुनिया को प्रभावित किया, वहीं कुछ युवाओं के लिए यह प्रेरणा बनी. पश्चिम बंगाल के एक छात्र ने NEET UG में टॉप रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है.

NEET 2024 की परीक्षा में टॉपर रहे हैं.

हाइलाइट्स

  • NEET UG 2024 में टॉप रैंक हासिल की.
  • 720 में से 720 अंक प्राप्त किए.
  • पिता फिजिक्स टीचर हैं, जिससे उन्हें मदद मिली.

NEET Success Story: कोरोना महामारी ने जहां पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया, वहीं कुछ युवाओं के लिए यह एक प्रेरणा बन गई. ऐसे ही पश्चिम बंगाल के एक लड़के ने नीट यूजी की परीक्षा में टॉप 1 रैंक हासिल करने में कामयाब रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने 720 में से 720 अंक हासिल की हैं. महामारी के समय लोगों की तकलीफों और डॉक्टरों की सेवा भावना ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है. हम जिनकी बात कर रहे हैं, उनका नाम रूपायन मंडल (MBBS Rupayan Mandal) है.

NEET में हासिल की 720 अंक

नीट यूजी में 720 में से 720 रैंक हासिल करने वाले रूपायन मंडल महज 18 साल की उम्र में NEET परीक्षा की तैयारी कर वर्ष 2024 में अखिल भारतीय रैंक 1 हासिल की है. रूपायन ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास को दिया. वह कक्षा 9वीं से NEET की तैयारी शुरू कर दी थी. शुरुआत में ऑनलाइन ट्यूशन से पढ़ाई की, फिर बाद में ऑफलाइन कोचिंग ली.

फिजिक्स बना सबसे मजबूत विषय

नीट यूजी की परीक्षा में टॉपर रहे रूपायन पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से ताल्लुक रखते हैं. उन्हें फिजिक्स विषय में खास दिलचस्पी थी, जिसमें उनके पिता की बड़ी भूमिका रही. उनके पिता खुद एक फिजिक्स टीचर हैं और उन्होंने बेटे को इस विषय में मजबूत नींव दी. यही वजह रही कि NEET में यह विषय उनकी सफलता का बड़ा कारण बना.

दादी की बीमारी ने जगाई मेडिकल में रुचि

रूपायन की दादी की बीमारी ने उन्हें मेडिकल साइंस के प्रति गंभीर किया. वह जानना चाहते थे कि बीमारियां कैसे होती हैं और उन्हें कैसे ठीक किया जा सकता है. यही जिज्ञासा उन्हें डॉक्टर बनने की ओर ले गई. NEET UG 2024 में इस बार 720 में से 720 अंक पाने वाले 67 छात्र हैं. यह पहली बार हुआ है जब इतने छात्रों ने फुल स्कोर किया है. इससे परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं, लेकिन रूपायन का मानना है कि यह तकनीकी साधनों और बेहतर अध्ययन सामग्री की वजह से संभव हुआ है.

शिक्षक माता-पिता से मिला पढ़ाई का माहौल

रूपायन का पढ़ाई में रूझान बचपन से रहा, क्योंकि उनके माता-पिता खुद शिक्षक हैं. उनके पिता ने जहां साइंस में मार्गदर्शन किया, वहीं उनकी मां बंगाली की टीचर हैं. उन्होंने रूपायन पढ़ने की आदत डाली. लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार वह अभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली से पढ़ाई कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभी वह फर्स्ट ईयर में हैं.

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Munna Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव. दूरदर्शन, ज़ी मीडिया और News18 के साथ काम किया है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन दिल्ली से की, बाद में ज़ी मीडिया से जुड़े और वर्तमान में News18 Hin…और पढ़ें

पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव. दूरदर्शन, ज़ी मीडिया और News18 के साथ काम किया है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन दिल्ली से की, बाद में ज़ी मीडिया से जुड़े और वर्तमान में News18 Hin… और पढ़ें

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