Noida Airport: CISF के हाथों में नोएडा एयरपोर्ट की सुरक्षा, 1047 जवान होंगे तैनात, डिजिटल-पेपरलेस-फेस स्कैन और बायोमैट्रिक से मिलेगी एंट्री

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Noida Airport: CISF के हाथों में नोएडा एयरपोर्ट की सुरक्षा, 1047 जवान होंगे तैनात, डिजिटल-पेपरलेस-फेस स्कैन और बायोमैट्रिक से मिलेगी एंट्री


नोएडा: भारत के सबसे अत्याधुनिक और डिजिटल एयरपोर्ट में से एक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा की कमान अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंप दी गई है. सोमवार को एयरपोर्ट पर आयोजित एक विशेष इंडक्शन प्रोग्राम में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. (YIAPL) ने आधिकारिक रूप से सुरक्षा जिम्मेदारी CISF को सौंपी.

CISF के 1047 जवान संभालेंगे सुरक्षा
अब एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए 1047 जवानों की तैनाती की गई है. ये जवान न केवल टर्मिनल के भीतर, बल्कि पूरे एयरपोर्ट परिसर में 350 से अधिक CCTV कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी करेंगे. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए AI-आधारित हाई रेजोल्यूशन कैमरे भी लगाए गए हैं.

पहले फेज का काम लगभग पूरा, पीएम करेंगे उद्घाटन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण कार्य 30 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा. इस भव्य परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्रस्तावित है. उद्घाटन के 45 दिनों के भीतर 10 शहरों के लिए उड़ानें शुरू होने की तैयारी चल रही है.

तैयार है अत्याधुनिक कार्गो हब
उड़ानों की शुरुआत से पहले, एयरपोर्ट पर 2.5 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाला कार्गो हब भी लगभग तैयार हो चुका है. वर्तमान में इसकी टेस्टिंग, सिस्टम इंटीग्रेशन और सरकारी स्वीकृतियों की प्रक्रिया चल रही है. इसके शुरू होते ही एयरपोर्ट न सिर्फ यात्रियों के लिए, बल्कि व्यापारिक दृष्टि से भी एक बड़ा केंद्र बन जाएगा.

भारत का पहला पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस एयरपोर्ट
नोएडा एयरपोर्ट को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया जा रहा है. यात्रियों के लिए चेक-इन, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग की पूरी प्रक्रिया संपर्क रहित (contactless) होगी. डिजी यात्रा सिस्टम के जरिए यात्री केवल चेहरे की पहचान (फेस स्कैन) और बायोमैट्रिक डेटा से प्रवेश पा सकेंगे. बार-बार बोर्डिंग पास और पहचान पत्र दिखाने की जरूरत नहीं होगी. इससे यात्रियों को कतारों से राहत और तेज ट्रैवल अनुभव मिलेगा.

स्मार्ट टेक्नोलॉजी से लैस होगा पूरा एयरपोर्ट
विप्रो और ICAD होल्डिंग कंपनी इस परियोजना के सिस्टम इंटीग्रेटर के रूप में काम कर रही हैं. एयरपोर्ट पर निम्नलिखित उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल होगा:
– फेस रिकग्निशन एंट्री
– ऑटोमेटेड बैग ड्रॉप
– रीयल टाइम डेटा ट्रैकिंग
– स्मार्ट कार्गो मैनेजमेंट

इससे यात्रियों का अनुभव न सिर्फ तेज और सुरक्षित होगा, बल्कि भारत डिजिटल एविएशन के नए युग में कदम रखेगा।

भारत की डिजिटल उड़ान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की वैश्विक पहचान बनने जा रहा है. इसके चालू होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनके पास पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट एयरपोर्ट की सुविधा है.



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