Noida: मॉल, सिनेमा और रेस्टोरेंट… नोएडा बस अड्डे का होगा कायाकल्प
नोएडा: अगर आप नोएडा में रहते हैं और अक्सर बस से सफर करते हैं, तो आपके लिए एक अच्छी और बड़ी खबर है. नोएडा का बस डिपो अब सिर्फ एक बस स्टैंड नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक ‘प्रीमियम बस अड्डे’ के रूप में विकसित किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर तैयार करने जा रहा है, जहां यात्रियों को बिल्कुल वैसी ही सुविधाएं मिलेंगी जैसी किसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मिलती हैं.
इतना ही नहीं, शहर के अंदर की कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने 50 नई इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलाने का भी बड़ा फैसला लिया है. इससे न केवल सफर आरामदायक होगा, बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से भी राहत मिलेगी.
बस अड्डे पर मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं: मॉल से लेकर सिनेमा तक
नोएडा बस डिपो को आधुनिक बनाने के लिए इसी साल 8 जून को तकनीकी बिड खोली जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब 2 साल का समय लगेगा. इस हाईटेक बस अड्डे की सबसे खास बात इसका डिजाइन है. इसके कुल क्षेत्रफल के 55 फीसदी हिस्से का इस्तेमाल यात्रियों की सुविधाओं के लिए किया जाएगा, जबकि 45 फीसदी हिस्से में कमर्शियल गतिविधियां होंगी.
यात्रियों को मिलने आधुनिक सुविधाएं:
- VIP लाउंज और AC वेटिंग रूम: अब बसों का इंतजार थकाऊ नहीं होगा.
- शॉपिंग मॉल और सिनेमा: सफर के साथ मनोरंजन और खरीदारी का भी मजा मिलेगा.
- फूड कोर्ट और रेस्टोरेंट: विश्व स्तरीय खान-पान की सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
- 24 घंटे बस सेवा: वर्तमान में बसें रात 9 बजे तक ही मिलती हैं, लेकिन नए डिपो से 24 घंटे बसों का संचालन होगा.
इन राज्यों के लिए सीधी बसें और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी
प्रीमियम बस अड्डा बनने के बाद यहां से केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी की बसें भी मिलेंगी. यात्रियों के लिए हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान जैसे राज्यों के प्रमुख शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू की जाएगी. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नोएडा डिपो से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक के लिए विशेष वातानुकूलित (AC) बसें चलाई जाएंगी, जिससे हवाई यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी.
शहर के भीतर दौड़ेंगी 50 ई-बसें, तय हुए 4 मुख्य रूट
नोएडा प्राधिकरण और यूपी रोडवेज के बीच हुए समझौते के तहत शहर में 50 नई इलेक्ट्रिक बसें उतारी जा रही हैं. इनका संचालन मई महीने से शुरू होने की उम्मीद है. इन बसों का सबसे ज्यादा फायदा उन 2 लाख लोगों को होगा जो रोजाना काम के सिलसिले में शहर के अलग-अलग हिस्सों में सफर करते हैं.
ये होंगे 4 प्रमुख रूट (हर 15 मिनट में मिलेगी बस):
- रूट 1: सेक्टर-90 डिपो और बॉटेनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट (गौड़ चौक/एक मूर्ति) तक.
- रूट 2: सेक्टर-90 डिपो और बॉटेनिकल गार्डन से सीधे जेवर एयरपोर्ट तक.
- रूट 3: सेक्टर-90 डिपो और बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-62 के अंतिम छोर तक.
- रूट 4: सेक्टर-90 डिपो और बॉटेनिकल गार्डन से फेस-2 इंडस्ट्रियल एरिया होते हुए सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक.
ई-बसों के लिए तैयार हो रहा है इंफ्रास्ट्रक्चर
इन 50 बसों में से 45 बसें नियमित रूप से रूट पर रहेंगी, जबकि 5 बसों को स्टैंडबाय पर रखा जाएगा ताकि किसी बस के खराब होने पर यात्रियों को परेशानी न हो. सेक्टर-90 डिपो में इसके लिए 20 चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जहां एक साथ 50 बसें चार्ज हो सकेंगी. इसके अलावा, बॉटेनिकल गार्डन पर भी ‘ऑपर्च्युनिटी चार्जिंग’ की सुविधा होगी ताकि बीच सफर में बसों को चार्ज किया जा सके.
आम जनता को क्या होगा फायदा?
नोएडा में फिलहाल लोग ऑटो और ई-रिक्शा पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है. नई ई-बस सेवा शुरू होने से लोग सुरक्षित और किफायती सफर कर सकेंगे. बसों का किराया UPSRTC के तय रेट्स पर ही होगा, और जो भी घाटा होगा उसकी भरपाई नोएडा प्राधिकरण (VGF के माध्यम से) करेगा. उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार का कहना है कि नोएडा डिपो को प्रीमियम बनाने की सूची में शामिल कर लिया गया है और जल्द ही धरातल पर काम शुरू हो जाएगा. यह प्रोजेक्ट नोएडा के सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर पूरी तरह बदल देगा.