PM मोदी के खिलाफ पोस्ट: सोशल मीडिया का दुरुपयोग फैशन बन गया, कोर्ट का कड़ा रुख
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शख्स की जमानत याचिका खारिज कर दी.
जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने बुधवार को अशरफ खान नाम के व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि संविधान के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी है, लेकिन यह इस हद तक नहीं है कि कोई उच्च गणमान्य व्यक्तियों का अपमान करे और नागरिकों के बीच सौहार्द बिगाड़े.
आरोपी अशरफ खान उर्फ निसरत के खिलाफ हाथरस जिले के ससनी पुलिस थाना में बीएनएस की धारा 152 (भारत की संप्रभुता और अखंडता को खतरे में डालने वाला कृत्य) और 197 (राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले आरोप और दावे) के तहत मामला दर्ज किया गया था. आरोप है कि अशरफ खान ने हाल ही में भारत पाकिस्तान के बीच टकराव के दौरान अपनी फेसबुक आईडी पर संपादित वीडियो अपलोड किए.
वहीं दूसरी ओर, राज्य सरकार के वकील ने दलील दी कि सोशल मीडिया पर कथित पोस्ट ने भारत के लोगों के बीच सौहार्द बिगाड़ा और भारतीय सेना और वायुसेना का अपमान भी किया गया. इसलिए याचिकाकर्ता को जमानत देने का आधार नहीं बनता.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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