कौन थे ‘फ्रंटियर गांधी’, यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा में पूछे गए कैसे सवाल?
UP Lekhpal Exam 2026: उत्तर प्रदेश में लेखपाल बनने का सपना लेकर लाखों अभ्यर्थी गुरुवार को परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे, लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद बाहर निकले उम्मीदवारों के चेहरे देखकर साफ समझ आ रहा था कि इस बार पेपर ने कई लोगों को उलझा दिया. किसी को कंप्यूटर वाले सवाल कठिन लगे तो किसी को जीके और टेक्नोलॉजी आधारित प्रश्नों ने परेशान किया.सबसे ज्यादा चर्चा उन सवालों की रही, जिनमें पूछा गया था कि फ्रंटियर गांधी किसे कहा जाता था? और किस नदी को चंद्रभागा के नाम से जाना जाता है? परीक्षा देकर निकले कई उम्मीदवार सोशल मीडिया पर भी सवाल शेयर करते नजर आए.
44 जिलों में हुई परीक्षा, 3.66 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से 21 मई 2026 को यूपी लेखपाल मेन्स परीक्षा आयोजित की गई. परीक्षा राज्य के 44 जिलों के 861 परीक्षा केंद्रों पर हुई.इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 3 लाख 66 हजार 712 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था. परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही शिफ्ट में आयोजित की गई.लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, मेरठ, गोरखपुर, बरेली, आगरा, प्रयागराज, मुरादाबाद, गाजियाबाद, सहारनपुर, अलीगढ़ और झांसी जैसे शहरों में 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए.
प्रयागराज में 34 केंद्रों पर हुई परीक्षा
संगम नगरी प्रयागराज में भी लेखपाल भर्ती परीक्षा को लेकर खास तैयारियां की गई थीं. यहां 34 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और 13,752 परीक्षार्थी पंजीकृत थे.जिले को 34 सेक्टरों में बांटा गया था और निगरानी के लिए 34 स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए थे. प्रशासन ने नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे.
परीक्षा का स्तर कैसा रहा?
परीक्षा देकर बाहर निकले उम्मीदवारों ने पेपर को मॉडरेट से कठिन बताया.अभ्यर्थियों के मुताबिक पेपर न तो बहुत आसान था और न ही बेहद कठिन, लेकिन कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी से जुड़े सवालों ने सबसे ज्यादा समय लिया.कई छात्रों ने कहा कि हिंदी और उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान वाला हिस्सा अपेक्षाकृत आसान था, जबकि गणित और कंप्यूटर आधारित प्रश्नों में ज्यादा सोचने की जरूरत पड़ी.कुछ परीक्षार्थियों का मानना है कि अगर 75 सवाल सही हो गए तो चयन की अच्छी संभावना बन सकती है.
सबसे ज्यादा चर्चा में रहे ये सवाल
इस बार परीक्षा में कई ऐसे सवाल पूछे गए, जिनकी चर्चा परीक्षा केंद्रों के बाहर सबसे ज्यादा रही.
एक सवाल था-निम्नलिखित में से फ्रंटियर गांधी के नाम से किसे जाना जाता था?
इसके विकल्प थे:
मौलाना आजाद
खान अब्दुल जब्बार खान
मुहम्मद अली जौहर
फिरोज गांधी
इसी तरह एक और सवाल पूछा गया-निम्नलिखित में से कौन-सी नदी को ‘चंद्रभागा’ के नाम से भी जाना जाता है?
विकल्प थे:
गोदावरी
झेलम
चेनाब
चंबल
इन सवालों को लेकर अभ्यर्थियों में खूब चर्चा देखने को मिली.
कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी वाले सवालों ने किया परेशान
कई उम्मीदवारों ने कहा कि इस बार पेपर में कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी बेस्ड प्रश्न ज्यादा थे. जैसे एक सवाल पूछा गया-एमएस पावरपॉइंट में बैकस्टेज व्यू किस टैब के माध्यम से एक्सेस किया जाता है?विकल्पों में View, Insert, File और Design दिए गए थे.इसके अलावा टेक्निकल और कंप्यूटर अवेयरनेस से जुड़े सवालों ने कई छात्रों का समय लिया.
हिंदी व्याकरण से भी पूछे गए सवाल
परीक्षा में हिंदी व्याकरण और पर्यायवाची शब्दों से भी प्रश्न पूछे गए.उम्मीदवारों के अनुसार एक सवाल था-झरना का पर्यायवाची नहीं है?जबकि दूसरा सवाल था-नमस्ते का सही संधि विच्छेद क्या है?
हिंदी सेक्शन को अधिकतर छात्रों ने आसान बताया.
संविधान और करंट अफेयर्स से भी आए सवाल
परीक्षा में भारतीय संविधान और करंट अफेयर्स से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए.एक सवाल पूछा गया-
भारत की संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता किसने की?इसके अलावा ICC महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2025 को लेकर भी प्रश्न आया.
7994 पदों के लिए हो रही भर्ती
यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा के जरिए राजस्व विभाग में 7,994 रिक्त पदों को भरा जाएगा.यह भर्ती 12वीं पास और PET क्वालिफाई उम्मीदवारों के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है. चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी हो रही है, जिसमें PET और मुख्य परीक्षा शामिल है.
अभ्यर्थियों के लिए अतिरिक्त बसें और स्पेशल ट्रेन
परीक्षा में भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और रेलवे ने भी खास इंतजाम किए.रोडवेज विभाग ने अतिरिक्त बसें चलाईं, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी न हो वहीं नॉर्थ सेंट्रल रेलवे ने जरूरत पड़ने पर स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया. प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल और अलीगढ़ जंक्शन पर अतिरिक्त रैक रिजर्व में रखे गए थे.
दीपावली लेखपाल की सैलरी से मनाएंगे
परीक्षा देकर बाहर निकले कई उम्मीदवारों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उम्मीद है कि चयन हो जाए और इस बार दीपावली लेखपाल की नौकरी की सैलरी से मनाएं हालांकि अधिकतर अभ्यर्थियों का कहना था कि इस बार पेपर ने अच्छी तैयारी वालों को ही फायदा पहुंचाया है.