चारपाई पर सो रहा था मासूम, मां गई थी नहाने, तभी कमरे में घुसा बंदरों का झुंड और फिर पानी भरे ड्रम में दिया फेंक
यह पूरा मामला मछरेहटा थाना क्षेत्र के सूरजपुर गांव का बताया जा रहा है. गांव निवासी अनुज यादव का तीन महीने का बेटा शिवांश घर में चारपाई पर अपने पिता के साथ सो रहा था. इस दौरान उसकी मां सरिता देवी स्नान करने गई हुई थीं. जब वह लौटीं तो देखा कि बच्चा चारपाई से गायब है. यह देख कर वह जोर-जोर से चीखने लगीं. चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए.
परिजनों के मुताबिक, शिवांश पिछले दो महीने से बीमार चल रहा था और उसका इलाज लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में चल रहा था. घटना से ठीक एक दिन पहले ही वह डॉक्टर को दिखाकर लौटे थे. अनुज यादव ने बताया कि उन्होंने खुद बंदर को बच्चे को उठाते नहीं देखा, लेकिन घर में रखा अनाज बिखरा मिला. इससे परिवार को संदेह है कि कोई बंदर घर में घुसा और मासूम को उठा ले गया, जो बाद में ड्रम तक पहुंचा.
गांववालों के अनुसार, सूरजपुर और आसपास के इलाके में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. बंदर घरों में घुसकर सामान तोड़ते हैं, छोटे बच्चों पर झपटते हैं और लोगों को घायल भी कर चुके हैं. इसके बावजूद वन विभाग या स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और लोग अपने छोटे बच्चों को अकेला छोड़ने से डरने लगे हैं.
गांव में मातम
मृतक मासूम शिवांश अपने माता-पिता की पहली संतान था. इस घटना के बाद से अनुज यादव और सरिता देवी बदहवास हैं. बच्चे का शव गांव लाकर ही दफनाया गया. गुरुवार की सुबह सूरजपुर गांव पूरी तरह गमगीन नजर आया और हर कोई इस दर्दनाक हादसे को लेकर आंसू बहा रहा था. गांववासियों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती संख्या और हमलों पर तुरंत नियंत्रण किया जाए, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह की त्रासदी का शिकार न हो.
पुलिस को नहीं दी गई तहरीर, जांच जारी
शुक्रवार सुबह जब गांव में घटना की जानकारी फैली, तो मामला सामने आया. प्रभारी निरीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि मृतक का पिता अनुज कुमार गांव में इलेक्ट्रिक की दुकान चलाता है. मामले की जानकारी मिलते ही चौकी इंचार्ज को मौके पर भेजा गया है. फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन पुलिस ने बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.