फिल्मों से पैदा हुआ शौक, तो बोतल-सिक्कों पर सीखी निशानेबाजी, आज हैं नेशनल शूटर, 15 मेडल किए हासिल
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Azamgarh News: अर्जुन प्रताप सिंह आजमगढ़ के जमुआ गांव के निवासी हैं उन्होंने फिल्मों से प्रेरित होकर राइफल शूटिंग में 15 मेडल्स जीते हैं. वे जल्द ही आजमगढ़ में राइफल शूटिंग एकेडमी शुरू करेंगे.
राइफल शूटर अर्जुन प्रताप सिंह
शुभेंद्र द्विवेदी/आजमगढ़: खेलकूद के जगत में आजमगढ़ की मिट्टी ने कई बड़े नाम और कई बड़ी शख्सियत को पैदा किया है और उन्हें बेशुमार शोहरत भी अदा की है. क्रिकेट हो या वॉलीबॉल हो आजमगढ़ की धरती पर एक से बढ़कर एक खिलाड़ियों ने यहां की माटी को सोना बनाने का काम किया है. इसी तरह निशानेबाजी में भी अब आजमगढ़ का परचम बुलंद कर रहा है अर्जुन प्रताप सिंह. जिसे फिल्मों से निशानेबाजी का शौक पैदा हुआ और देखते ही देखते अपनी कड़ी मेहनत और जज्बे के दम पर वह नेशनल राइफल शूटर बन गए और महज 3 सालों के अंदर 15 मेडल्स अपने नाम कर लिया.
एयर गन से सिक्कों पर निशाने बाजी से की शुरुआत
आजमगढ़ के अर्जुन प्रताप सिंह जिले के जमुआ गांव के रहने वाले हैं. शुरुआती शिक्षा दीक्षा गांव से ही शुरू हुई. इसी दौरान फिल्में देखने का शौक कब उनके करियर के लिए प्रेरणा बनेगा यह उन्हें भी तब पता चला, जब उन्होंने राइफल शूटिंग में कई उपलब्धियां हासिल होने लगी. फिल्में देखकर राइफल शूटिंग का शौक धीरे-धीरे उनके सिर माथे चढ़ने लगा और इसी शौक को पैशन बनाने के लिए उन्होंने घर में ही इसकी प्रैक्टिस शुरू कर दी. शुरुआत में उन्होंने एयर गन से बोतल और सिक्कों पर निशाना लगना शुरू किया. यह वो दौर था जब उन्हें राइफल शूटिंग के खेल और कंपटीशन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.
50 मीटर रेंज में ख्याति प्राप्त निशानेबाज
जिसके बाद उन्होंने बनारस स्थित राइफल शूंटिंग क्लब ज्वाइन किया. राइफल शूंटिंग क्लब ज्वाइन करने के बाद उन्हें शूटिंग की बारीकियां को सीखने और समझने का मौका मिला, 2 सालों तक प्रेक्टिस करने के बाद अपने साथी मित्रों की मदद से उन्हें प्री स्टेट राइफल शूटिंग में भाग लेने का मौका मिला और फिर यहीं से शुरू हुआ अर्जुन का मछली की आंखों में आंखें डालकर निशानेबाजी करने का सफर और फिर 50 मीटर रेंज की निशाने बाजी में एक के बाद एक पहले स्टेट कंपटीशन में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया और उसके बाद नेशनल कंपटीशन में ख्याति प्राप्त निशानेबाजी का खिताब और मेडल भी हासिल कर अपने साथ-साथ अपने जिले का भी नाम रोशन किया.
जल्द मिलेगी जिले के युवाओं को राइफल शूंटिंग अकैडमी
लोकल 18 से बातचीत करते हुए अर्जुन प्रताप सिंह ने बताया कि वह प्री स्टेट से लेकर प्री नेशनल और नेशनल गेमों में भाग ले चुके हैं, जिसमे उन्होंने गोल्ड(4) सिल्वर(6) और ब्रोंज(5) मेडल मिलाकर कुल 15 मेडल प्राप्त किए हैं. उन्होंने कहा कि वह लगातार नेशनल शूटिंग कंपटीशन में पार्टिसिपेट करते रहते हैं और इंटरनेशनल खेलों में इंडिया को रिप्रेजेंट करने के लक्ष्य से वह लगातार इस खेल से जुड़े हुए हैं, ताकि एक दिन ओलंपिक में इंडिया को रिप्रेजेंट करने का मौका मिल सके. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही आजमगढ़ में एक राइफल शूटिंग एकेडमी की भी शुरुआत करने जा रहे हैं, ताकि राइफल शूटिंग में तैयारी करने वाले बच्चों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और जिले के लोगों को मेरे जैसे कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.