बरसात में मुर्गी पालन से करते समय रखें इन बातों का ध्यान, वरना हो सकता नुकसान
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Poultry farming: बरसात के मौसम में प्रतिदिन पोल्ट्री फार्म को साफ सुथरा रखें.फिनायल का स्प्रे पोल्ट्री फार्म में करना चाहिए. अगर कोई मुर्गी की मृत्यु हो गई है तो उसे तत्काल प्रभाव से पोल्ट्री फार्म से हटा दें…और पढ़ें
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान इस समय मुर्गी पालन पर अधिक जोर दे रहे हैं.जिस कारण किसानों को अच्छा खासा मुनाफा भी होता है. वहीं दूसरी ओर बरसात के मौसम में काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है. जमुनाबाद कृषि विज्ञान केंद्र पर तैनात एनिमल एक्सपर्ट एन के त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि कम समय में अच्छा मुनाफा मुर्गी पालन से कमाया जा सकता है. बरसात के मौसम में कई बीमारियां फैलती हैं.
बरसात के मौसम में प्रतिदिन पोल्ट्री फार्म को साफ सुथरा रखें.फिनायल का स्प्रे पोल्ट्री फार्म में करना चाहिए. अगर कोई मुर्गी की मृत्यु हो गई है तो उसे तत्काल प्रभाव से पोल्ट्री फार्म से हटा दें. वरना संक्रमण फैल सकता है. पोल्ट्री फार्म में नमी से बचने के लिए चुना पाउडर का भी प्रयोग कर सकते हैं.बरसात के मौसम में मुर्गियों को पीने के पानी में खास सावधानी बरतनी चाहिए.1,000 लीटर पानी में 2 ग्राम क्लोरीन टैबलेट या ब्लीचिंग पाउडर मिलाकर ही मुर्गियों को पिलाना चाहिए ताकि पानी की सफाई बनी रहे और बैक्टीरिया न पनप सकें. इस समय मुर्गियों को ज्यादा ऊर्जा वाला दाना देना चाहिए.
चारे को नमी से बचाएं
बरसात के मौसम में नमी का प्रकोप ज्यादा होता है. जिस कारण मुर्गियों का दाने में भी सीलन आ जाती है. मुर्गियों को दाना देते समय प्लास्टिक कंटेनर या एयरटाइट डिब्बों का इस्तेमाल करें ताकि नमी अंदर न जा सके चारे को हमेशा सूखे और हवादार स्थान पर रखें.