मावा-मलाई और 5 ड्राई फ्रूट्स वाला बागपत का घेवर, रोज बिक रहा 50 किलो

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मावा-मलाई और 5 ड्राई फ्रूट्स वाला बागपत का घेवर, रोज बिक रहा 50 किलो


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बागपत के काठा गांव स्थित ऋतिक स्वीट्स पर पिछले 10 वर्षों से मावा-मलाई और पांच तरह के ड्राई फ्रूट्स से खास घेवर तैयार किया जा रहा है. शुद्धता और लाजवाब स्वाद के कारण यह घेवर दिल्ली, सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में काफी लोकप्रिय हो चुका है. मात्र ₹400 किलो कीमत वाले इस घेवर की रोजाना 50 किलो से अधिक बिक्री हो रही है और लोग इसे खरीदने के साथ-साथ ऑर्डर पर भी मंगवा रहे हैं.

बागपत. बागपत में ऋतिक स्वीट्स पर स्वादिष्ट घेवर तैयार किया जा रहा है, इस घेवर में मावा मलाई पांच प्रकार के ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल कर इसे तैयार किया जाता है और यह घेवर पिछले 10 वर्षों से लोगों की पसंद बना है. इस घेवर को दिल्ली, सहारनपुर, शामली सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग खरीदने और आर्डर पर घर मंगाते हैं. इसमें शुद्धता की गारंटी के साथ लाजवाब स्वाद मिलता है, जिससे यह लगातार लोगों को अपनी तरफ खींच रहा है और दिन प्रतिदिन इसकी बिक्री बढ़ रही है.  बागपत में दिल्ली- सहारनपुर हाईवे पर काठा गांव में ऋतिक स्वीट्स पर पिछले 10 वर्षों से घेवर तैयार किया जाता है. इस घेवर ने अच्छे से अच्छी मिठाइयों को स्वाद के मामले में टक्कर देने का काम किया है.

रोजाना होती है 50 किलो से अधिक की बिक्री 

ऋतिक स्वीट्स के संचालक रितिक शर्मा ने बताया कि पिछले 10 वर्ष पूर्व इसकी शुरुआत कर लोगों तक कोई अलग स्वाद पहुंचने के लिए घेवर तैयार किया गया था. इस घेवर को आसपास के किसानों से पहले दूध इकट्ठा करके उसका मावा तैयार किया जाता है. इस मावे को रबड़ी का रूप दिया जाता है और घेवर बनाने के लिए धीमी आग पर घेवर का बेस तैयार किया जाता है, जिसके बाद इस रबड़ी को उसके ऊपर लगाया जाता है. इस रबड़ी को बनाने के लिए इसमें मावा मलाई और काजू, बादाम, किशमिश, पिस्ता, चिरौंजी को मिलाकर तैयार किया जाता है और इस बेस पर इस मलाई को लगाकर इस घेवर को तैयार किया जाता है. इसमें क्वांटिटी और क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाता और जब इसकी शुरुआत की थी, तब से उनके पास निरंतर लोग यहां आकर इस घेवर का स्वाद लेते है. ऋतिक शर्मा ने बताया कि 50 किलो से अधिक की बिक्री इसकी रोजाना होती है और लोग इसे यहां खरीदने आने के साथ-साथ ऑर्डर पर भी घर मंगाते हैं और इसका रेट भी मात्र ₹400 किलो होता है. ऋतिक शर्मा ने बताया कि जब घेवर की शुरुआत की गई थी. तब लोगों तक कुछ अलग स्वाद पहुंचने का मन बनाया गया था. तभी आगरा, मथुरा और हरियाणा के विशेष कारीगर बुलाकर इस घेवर को तैयार किया गया और इस स्वादिष्ट घेवर ने लोगों को अपनी तरफ आकर्षित किया है. बड़ी संख्या में लोग इसका स्वाद लेने के लिए आते हैं  इसका रेट भी मात्र ₹400 किलो रखा गया है, जिससे हर व्यक्ति इसका स्वाद ले सके.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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