मिर्जापुर में गंगा का कहर शुरू, क्या फिर दोहराएगा 1978 जैसा मंजर?
घाटों पर पहुंचा गंगा का पानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मिर्जापुर के कई प्रमुख घाटों की सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं. फतहां घाट की पूरी सीढ़ियां डूब गई हैं. विंध्याचल पक्काघाट, बरियाघाट, नारघाट और रामेश्वरम घाट तक पानी पहुंच चुका है. पहले जहां गंगा के बीच में रेत दिखाई देती थी, अब वो पूरी तरह गायब हो चुकी है.
गंगा का जलस्तर बढ़ने से जिले के सदर और चुनार तहसील के सैकड़ों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. छानबे, कोन, पहाड़ी और मझवां ब्लॉक के 200 से अधिक गांव तथा चुनार के नरायनपुर, सीखड़ और जमालपुर ब्लॉक के 184 गांव सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं. इसी के मद्देनजर सदर में 14 और चुनार में 22 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं.
राहत और बचाव की तैयारियां तेज
प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है. सदर में 136 छोटी नावें और चुनार में 198 छोटी-बड़ी नावें तैनात की जाएंगी. इसके अलावा 10 गोताखोर और 8 मोटरबोट की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत दी जा सके.
प्रशासन की तरफ से 50 राहत शिविर बनाए जाएंगे, जिनमें खाद्यान्न, मोमबत्ती, सोलर लाइट जैसी आवश्यक चीजें उपलब्ध रहेंगी. स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जीवन रक्षक दवाएं भी मुहैया कराई जाएंगी. सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
दो कंट्रोल रूम भी किए गए सक्रिय
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दो कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं.
कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम- 05442-256357
सिंचाई विभाग का कंट्रोल रूम- 05442-252589
स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
घाट पर आए अमित जायसवाल ने बताया कि रोजाना एक से दो फीट पानी बढ़ रहा है. पहले रेत दिखती थी, अब सिर्फ पानी है. राहुल कुमार ने कहा कि पहले गंगा का पानी दूर से दिखता था, अब घरों के नजदीक आ चुका है. लोग घाटों पर गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए जुटने लगे हैं.