मेहनत भी बचेगी, मुनाफा भी बढ़ेगा! ये मशीन एक साथ करेगी दो काम, जानें तकनीक
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खेती को आधुनिक और कम मेहनत वाला बनाने के लिए बाजार में लगातार नए-नए कृषि यंत्र आ रहे हैं. इन्हीं में से एक है मल्टी क्रॉप सीड ड्रिल, जो किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं. इस मशीन की खासियत यह है कि यह बीज और…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- मल्टी क्रॉप सीड ड्रिल से बीज और खाद की बुवाई एक साथ होती है.
- इस मशीन की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये से शुरू होती है.
- किसान इस यंत्र से समय और लागत दोनों की बचत कर सकते हैं.
बहराइच. कृषि क्षेत्र को आसान बनाने के लिए समय-समय पर तरह-तरह के कृषि यंत्र आते रहते हैं. इन्हीं यंत्रों में से एक है मल्टी क्रॉप सीड ड्रिल, जिसका इस्तेमाल कर किसान समय की बचत के साथ-साथ खेतों में खाद और बीज बोने का काम एक साथ कर सकते हैं. इसे ट्रैक्टर से जोड़कर आसानी से खेत में चलाया जा सकता है. अगर कीमत की बात करें तो यह यंत्र लगभग डेढ़ लाख रुपए तक का आता है. यदि इसे ठीक से संभालकर रखा जाए तो किसान लंबे समय तक इसका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि इसमें अधिक मशीनरी का प्रयोग नहीं किया गया है.
वैसे तो हर क्षेत्र में ऐसे कई यंत्र मौजूद हैं जो घंटों का काम मिनटों में आसान बना देते हैं. इन्हीं यंत्रों में एक है मल्टी क्रॉप सीड ड्रिल, जिसे किसान ट्रैक्टर में जोड़कर आसानी से चला सकते हैं. यह यंत्र न केवल घंटों का काम मिनटों में करता है, बल्कि लागत को भी काफी हद तक कम कर देता है, जिससे किसानों को सीधे तौर पर मुनाफे में बढ़ोतरी होती है.
मल्टी क्रॉप सीड ड्रिल का उपयोग!
मल्टी क्रॉप सीड ड्रिल का उपयोग करने से पहले किसान भाइयों को बीजों को अच्छे से तैयार करना चाहिए. बीजों को साफ करके बुवाई के योग्य बनाएं, फिर मशीन को फसल और मिट्टी की आवश्यकताओं के अनुसार सेट करें. यदि किसी प्रक्रिया में कठिनाई हो, तो नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से मदद ली जा सकती है. इस उपकरण को ट्रैक्टर या अन्य पावर टूल्स के साथ जोड़कर खेत में चलाया जाता है, जिससे बीजों की बुवाई समान रूप से और उचित गहराई में होती है.
ऐसे बढ़ेगा उत्पादन
इस यंत्र की मदद से किसान उत्पादन बढ़ा सकते हैं और समय व श्रम दोनों की बचत कर सकते हैं. मल्टी क्रॉप सीड ड्रिल आसानी से कृषि सेवा केंद्रों पर उपलब्ध है. बहराइच जिले के गायघाट क्षेत्र के किसान कुल्लेराज यादव इस मशीन का उपयोग कर चुके हैं और संतुष्ट नजर आते हैं. वे अन्य किसानों को भी इस यंत्र के इस्तेमाल की सलाह देते हैं.