यूपी के गांवों में क्यों मचा है हड़कंप, ग्रामीणों की उड़ी नींद, रातभर दे रहे पहरा, जानिए आखिर क्या है वजह?
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Amethi News: अमेठी के गई गांवों में इन दिनों चोरी और घटनाओं के डर से ग्रामीण रातभर लाठी-डंडा लेकर पहरा दे रहे हैं. जिससे गांव में हड़कंप मचा हुआ है. हालांकि पुलिस ने इसे अफवाह बताया है.
यह मामला है गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पूरे गांव का. इसके अलावा संग्रामपुर, अमेठी, सैदपुर, सैठा, पठानपुर सहित कई गांव के ग्रामीण भी इन दिनों रातभर पहरेदारी कर रहे हैं. यह लोग रात रातभर जगते हैं और अपने घरों की सुरक्षा कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में चोरी छिनैती और अपराधिक घटनाएं घटित हो रही हैं. उनके घरों में चोर आ जाते हैं अगर वह रात में न जगे और अपनी सुरक्षा न करें तो अप्रिय घटना घटित हो जाती है. इसलिए वह खाना पीना खाकर सड़कों पर लाठी डंडे लेकर आ जाते हैं और जागते रहो जागते रहो का नारा देते हैं.
लोकल 18 की टीम जब पूरे गांव पहुंची तो ग्रामीण इसी हालत में सुरक्षा करते हुए मिले. जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने अपनी व्यथा और पीड़ा बताई . गांव की 32 वर्षीय रमेश यादव ने बताया कि रात को अक्सर ड्रोन दिखाई देता है. गांव में चोरी हो रही है चोर आ जाते हैं. सुरक्षा का खतरा है. इसलिए सुरक्षा कर रहे हैं. जब पूछा गया कि पुलिस कह रही है कि ऐसा कुछ नहीं है, तो जवाब मिला कि पुलिस तो मिली हुई है इसलिए पुलिस पर भरोसा कम करते हुए वह अपनी सुरक्षा खुद कर रहे हैं. गांव के 65 वर्षीय राम फेर यादव ने कहा कि काफी समस्या है दिन में खेती करते हैं रात में रखवाली करते हैं. न दिन में सो पाते हैं ना रात में. उन्होंने कहा कि गांव की सुरक्षा होनी चाहिए. पुलिस की गस्त जरूरी होनी चाहिए और इसके बारे में लोगों को जागरूक करना चाहिए कि आखिर यह सब चल क्या रहा है. वहीं गांव के एक और बुजुर्ग ने कहा कि दिन में काम करते-करते हम सब थक जाते हैं. रात होते ही यहां सुरक्षा के लिए आ जाते हैं. ऐसे में पुलिस को इस पर ध्यान देना चाहिए और हम लोगों की मदद करनी चाहिए.
पुलिस अधिकारियों ने दी सफाई
वहीं पुलिस इसको अफवाह बता रही है. पुलिस का कहना है कि ड्रोन कुछ नहीं है. यह क्षेत्र ट्रैफिक एरिया में शामिल है. इसलिए रात में ऐसी घटनाएं आम हैं. अपर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि लोगों की सुरक्षा करने के लिए पुलिस लगातार तत्पर है.
पिछले एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हूं. पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में नई दुनिया अखबार से की, जिसके बाद सफर लगातार आगे बढ़ता गया. हिंदुस्तान, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया और ईटीवी जैस…और पढ़ें
पिछले एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हूं. पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में नई दुनिया अखबार से की, जिसके बाद सफर लगातार आगे बढ़ता गया. हिंदुस्तान, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया और ईटीवी जैस… और पढ़ें