शादी से पहले Slim दिखने की सनक: लखनऊ में वजन घटाने वाले इंजेक्शन की भारी मांग
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लखनऊ में वेडिंग सीजन के बीच दूल्हा-दुल्हन में वज़न घटाने वाले इंजेक्शन Mounjaro & Ozempic का क्रेज बढ़ा है. नवाबों के शहर में अचानक इनकी डिमांड क्यों बढ़ गई है. डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बिना सलाह इन दवाओं का इस्तेमाल शरीर के लिए खतरा भी हो सकता है. डॉक्टर्स की इस बारे में राय क्या है, आइये जानते हैं..
लखनऊ के बड़े मेडिकल सेंटर्स और अस्पतालों में मोटापा कम करने वाले इंजेक्शन लगवाने आ रहे दूल्हा-दुल्हन.. (फोटो एआई)
लखनऊ : नवाबों के शहर में शादियों का सीजन आते ही बाजारों में जितनी रौनक है, उतनी ही हलचल वेट-लॉस क्लिनिकों में भी देखी जा रही है. दूल्हा-दुल्हन और उनके करीबियों के बीच अब जिम जाने या डाइटिंग करने से ज्यादा क्रेज Mounjaro और Ozempic जैसी दवाओं और वेट लॉस इंजेक्शंस यानि मोटापा घटाने वाले इंजेक्शनों का बढ़ गया है. शहर के नामचीन डॉक्टरों का कहना है कि लोग इंस्टेंट लुक के चक्कर में अपनी सेहत को दांव पर लगा रहे हैं. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वन घटाना कोई शॉर्ट-कट नहीं है. शेरवानी या शादी के लहंगे में फिट बैठने की चाहत में अपने शरीर के अंगों जैसे लिवर, किडनी और पेट के साथ खिलवाड़ न करें. आइये जानते हैं इस नए खतरे के बारे में..
एक अजीब मामला: 2 महीने में 10 किलो कम करना है
Times of India की रिपोर्ट कहती है कि हाल ही में लखनऊ के एक बैरिएट्रिक क्लिनिक में 29 साल का एक युवक पहुंचा. उसकी लंबाई 5 फीट 9 इंच और वजन 105 किलो था. युवक ने डॉक्टर से सीधे तौर पर इंजेक्शन की मांग की ताकि वह अपनी शादी की तस्वीरों में दुबला दिख सके. डॉक्टरों ने इसे न केवल अवास्तविक बताया, बल्कि साफ किया कि इतनी जल्दी वजन घटाना शरीर के लिए खतरनाक है.
डिमांड में 300% का उछाल
शहर के बड़े मेडिकल सेंटर्स और अस्पतालों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. बड़े सेंटर्स में पिछले 12-18 महीनों में पूछताछ 2 से 3 गुना बढ़ गई है. हर हफ्ते 25 से 40 लोग वजन घटाने वाली दवाओं के बारे में पूछने पहुंच रहे हैं. मीडियम आकर की क्लिनिक में रोजाना 2-3 मामले सामने आ रहे हैं. ज्यादातर में लक्ष्य लगभग 30-40 प्रतिशत लोग इन दवाओं का इस्तेमाल सिर्फ शादी, जन्मदिन या छुट्टियों जैसे शॉर्ट-टर्म गोल के लिए करना चाहते हैं.
विशेषज्ञों की राय भी सुन लें
टीओआई ने अपनी रिपोर्ट में Health City Vistaar Hospital के बैरिएट्रिक रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी से बात की. डॉ. भंडारी का कहना है कि लोग बिना किसी मेडिकल जरूरत के सिर्फ तेज़ी से नतीजे चाहते हैं. हमारे अनुभव में सख्त जांच के बाद केवल 40-45 प्रतिशत लोग ही इन दवाओं के लिए मेडिकल तौर पर फिट पाए जाते हैं. बिना जरूरत इसका इस्तेमाल असुरक्षित है. सही इलाज और डाइट से 3 महीनों में सुरक्षित रूप से केवल 4-8 किलो ही कम किया जा सकता है.
वहीं, मेदांता अस्पताल के डॉ. महीम मित्तल कहते हैं कि ये दवाएं लंबे समय तक वज़न कंट्रोल करने के लिए बनी हैं, न कि शादी की फोटो खिंचवाने के लिए. दवा बंद करने के बाद वज़न का दोबारा बढ़ना (Weight Gain) बहुत आम है. यह कोई तुरंत होने वाला पक्का इलाज नहीं है.
यानि विशेषज्ञों ने बिना डॉक्टर की सलाह के Mounjaro, Ozempic जैसी इन दवाओं के इस्तेमाल पर कड़े साइड इफेक्ट्स की चेतावनी दी है. इनसे क्या नुकसान हो सकते हैं ये भी समझ लें…
- मांसपेशियों में कमजोरी : फैट के साथ-साथ मसल्स लॉस होना.
- पोषक तत्वों की कमी : शरीर में जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स का स्तर गिरना.
- पेट की समस्याएं : गंभीर दस्त, डिहाइड्रेशन और पाचन तंत्र में खराबी.
- मनोवैज्ञानिक असर : वजन दोबारा बढ़ने पर तनाव और अवसाद.
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Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें