बेहद खास है यह ‘मोक्ष धाम’, एक साथ हैं सैकड़ों शिवलिंग, सावन में यहां पूजा से हर मन्नत होती है पूरी!
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Meerut Gagol Teerth: मेरठ के गगोल तीर्थ स्थित शिवालय में अगर आप शिवरात्रि के पावन अवसर पर जलाभिषेक करते हैं. तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं. सावन में देखने को मिलता है कि विभिन्न शिवालय में भोले भक्त…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- गगोल तीर्थ में सैकड़ों शिवलिंग हैं.
- शिवरात्रि पर यहां जलाभिषेक से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
- महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली है गगोल तीर्थ.
पौराणिक ग्रंथों में भी महत्वपूर्ण है मोक्ष धाम
इसलिए भी महत्वपूर्ण है यह तीर्थ स्थल
बताते चलें कि गगोल तीर्थ का सीधा नाता रामायण कालीन युग से माना जाता है. महंत शिवदास महाराज के अनुसार मेरठ रावण की पत्नी मंदोदरी के पिता मय का क्षेत्र था. ऐसे में यहां राक्षसों का काफी आतंक था. जो ऋषि मुनियों के यज्ञ को पूरा करने नहीं देते थे. ऐसे में महर्षि विश्वामित्र भगवान श्री राम लक्ष्मण को अपने साथ लेकर इस स्थल आए थे. भगवान श्री राम ने ही यहां पर राक्षस का वध किया था. साथ यहां पर एक सरोवर भी है जिसकी उत्पत्ति भी भगवान श्री राम ने तीर मारकर ही की थी . इसलिए तीर्थ स्थल के प्रति लोगों में काफी आस्था देखने को मिलती है. छठ पर्व सहित विभिन्न पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा अर्चना करते हुए दिखाई देते हैं.