अब हर जिले का होगा अपना स्वाद, योगी सरकार की नई पहल ODoC लाएगी रंग; इन उत्पाद को मिलेगी पहचान
कानपुरः उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) की तर्ज पर ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ODoC) योजना को लागू करने का निर्णय लिया है. इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के हर जिले के प्रमुख और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देना है, ताकि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके. कानपुर महानगर के ‘समोसा और लड्डू’ को इस योजना में शामिल किया गया है. जिससे कानपुर के स्वाद की खुशबू अब दूर-दूर तक पहुंचेगी.
कानपुर को अब ‘समोसा और लड्डू’ के लिए पहचाना जाएगा. कानपुर के खस्ता और मसालेदार समोसे देशभर में मशहूर है, वहीं कानपुरी लड्डू शादी-ब्याह और त्योहारों में खास पहचान रखते है. अब इन्हें पैकिंग और ब्रांडिंग के साथ दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने की तैयारी है. जिससे स्थानीय दुकानदारों, हलवाइयों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को बड़ा फायदा होगा.
उप्र सरकार की ODOP योजना की सफलता के बाद अब ODoC योजना भी इसी अनुभव का लाभ उठाएगी. ODOP योजना के तहत 1.30 लाख से अधिक कारीगरों को टूलकिट और ट्रेनिंग दी गई है, जिससे उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. इस योजना में अब तक 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक का लोन भी बांटा जा चुका है.
‘एक जिला एक व्यंजन’ योजना न केवल उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को दुनिया तक पहुंचाएगी, बल्कि इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और युवाओं को भी एक नया मंच मिलेगा. कानपुर के समोसे और लड्डू को भी अब नई पहचान मिलने जा रही है. आने वाले समय में जब विदेशों में लोग ‘कानपुरी समोसा’ या ‘कानपुरी लड्डू’ का स्वाद चखेंगे, तो यह योजना अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल मानी जाएगी.
| जिला- | चयनित व्यंजन |
| आगरा | पेठा और नमकीन |
| अंबेडकर नगर | बालूशाही और चाट |
| अमेठी | निहालगढ़ का समोसा |
| अमरोहा | आम पान और आम चटनी |
| ओरैया | देसी घी और दूध से बनी बर्फी |
| अयोध्या | कचौड़ी |
| आजमगढ़ | तहरी और गाजर का हलवा |
| बागपत | बालूशाही |
| बहराइच | चमचम |
| बलिया | सत्तू आधारित उत्पाद |
| बांदा | सोहन हलवा |
| बलरामपुर | कलाकंद और नारियल बर्फी |
| बरेली | सेवइयां और बर्फी |
| बाराबंकी | चंद्रकला मिठाई |
| बस्ती | पूरी -सब्जी और ठेकुआ |
| भदोही | ठेकुआ, खोया पेड़ा और दाल पीठा |
| बिजनौर | गजक |
| बदायूं | खोया आधारित मिठाई |
| बुलंदशहर | कचौरी, खुर्जा की खुरचन |
| चंदौली | काले चावल से बने उत्पाद |
| चित्रकूट | मावा |
| देवरिया | मालपुआ और लिट्टी चोखा |
| एटा | चिकोरी |
| इटावा | सरसों आधारित उत्पाद, सरसों की चटनी सलाद |
| फर्रुखाबाद | नमकीन |
| फतेहपुर | बड़मी, पूरी सब्जी और पेड़ा |
| फिरोजाबाद | आलू उत्पाद |
| गाजियाबाद | सोयाबीन, चाप और अन्य सोयाबीन उत्पाद |
| कानपुर महानगर | समोसा और लड्डू |