कल MLA को वॉर्निंग.. आज जिलाध्यक्ष सस्पेंड… BJP अपने लीडरों से खफा क्यों?
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UP News : सुरेश्वर सिंह को सरेआम वॉर्निंग देने के सीएम योगी आदित्यनाथ के लहजे से सबको लगा हो कि उन्होंने हल्के लहजे में इसे कहा, लेकिन ऐसा नहीं था. वह काफी नाराज थे.
गोंडा के जिला अध्यक्ष अमर किशोर कश्यप और भाजपा के विधायक सुरेश्वर सिंह…
हाइलाइट्स
- सीएम योगी ने विधायक सुरेश्वर सिंह को सरेआम चेतावनी दी.
- गोंडा के जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप को पार्टी से निष्कासित किया गया.
- बीजेपी ने अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल ही बहराइच के महसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक सुरेश्वर सिंह को सरेआम मंच से कह डाला कि वो कम बोलें तो अच्छा रहेगा. किसी सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐसा कहना वाकई बड़ी बात थी. इससे अंदाजा साफ लगाया जा सकता है कि वह किस कदर अपने विधायक से नाराज रहे होंगे. बात यहीं खत्म नहीं होती. बीजेपी प्रदेश संगठन अपने कुछ और नेताओं से भी खासा खफा है. नतीजतन एक जिला अध्यक्ष को तो सस्पेंड तक कर दिया गया है. 24 घंटे के भीतर बीजेपी के ऐसे दो बड़े एक्शन साफ कर रहे हैं कि पार्टी अनुशासनहीनता या उसके दामन पर दाग लगाने वाले अपने नेताओं को बख्शने के मूड में कतई नहीं है.
विवादित बयानों वाले सुरेश्वर सिंह को वॉर्निंग
सुरेश्वर सिंह अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाते रहे हैं. हाल ही में उन्होंने 500 किलो विस्फोटक मिलने का दावा किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था. उन्होंने हालिया बयान में दावा किया था कि सिकंदरपुर इलाके में 500 किलो विस्फोटक मिला है और इसे तेल खोजने के नाम पर खेतों में लगाया गया था. सिर्फ यही नहीं, सुरेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी से बहराइच न आने का आग्रह तक किया, जिससे यह टिप्पणी और भी चर्चा में आ गई. इस बयान ने न केवल लोकल बल्कि प्रदेश स्तर तक हड़कंप मचाया. शासन तक इस बयान की गूंज गई. सीएम योगी आदित्यनाथ तक जाहिर तौर पर यह बात पहुंची. विपक्षी दलों ने भी इसको लेकर सरकार पर सवाल उठाए.
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी के एक सीनियर लीडर से इस तरह की गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी से मुख्यमंत्री काफी नाराज थे, क्योंकि यह सिर्फ एक बयान भर नहीं था, बल्कि प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर पर सीधा सवाल भी था.. भला 500 किलो विस्फोटक प्रदेश में होना और सीएम के दौरे से पहले ऐसा बयान आना, किसे नांगवार नहीं गुजरेगा? प्रदेश में सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था एकदम दुरुस्त होने की बात सीएम योगी और पार्टी कहती रही है, ऐसे में सुरेश्वर सिंह का यह बयान सीधे-सीधे पार्टी और सरकार की लाइन की खिलाफत करता था. यह कोरी अनुशासनहीनता मानी गई.
महिला कार्यकर्ता को ‘सहारा’ देने वाले अमर किशोर कश्यप नप गए
इसका वीडियो जब दुनिया के सामने आया तो भाजपा जिलाध्यक्ष ने सफाई देते हुए कहा कि वह तो महिला कार्यकर्ता को सहारा दे रहे थे. उन्होंने कहा कि महिला भाजपा कार्यकर्ता की तबीयत खराब होने का उन्हें पता चला था तो वह उसको बस स्टैंड से लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे थे. यहां उसकी तबियत और खराब होने लगी और वह बेहोश होकर गिरने लगी. इसलिए बचाने के लिए उसे सहारा देना पड़ा. अगर सहारा देना गलत है तो हां मैंने गलत किया है.
पार्टी इससे नाराज थी और उन्हें नोटिस देकर जवाब देने को कहा था. कारण बताओ नोटिस में 7 दिन की मोहलत देते हुए जवाब देने को कहा गया. निश्चित तौर पर वह नोटिस पर स्पष्टीकरण नहीं दे सके और निष्कासन की कार्रवाई कर दी गई. भाजपा प्रदेश महामंत्री गोबिंद नारायण शुक्ला ने उनका सस्पेंशन लैटर जारी किया. इस तरह 24 घंटे के भीतर भाजपा ने अपने दो नेताओं पर यह एक्शन लिया.
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Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें
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