आवाज सुन हो जाते मदहोश, फिर आती तस्वीर, देख ललचा जाते कुंवारे, अब खुला AI राज
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Fake Beautiful Bride Scam: कुंवारों को क्या चाहिए एक सुंदर दुल्हन, मीठी आवाज और घर चलाने वाली. ऐसी ही कुछ खोज कानपुर के एक युवक को थी. उसने इसके लिए मैट्रिमोनियल साइट का सहारा लिया. यहां उसे प्रोफाइल अच्छी लगी तो उसने फोन पर बात की. उधर से लड़की बोली हाय डियर… सुनकर लड़का खुश हो गया. फिर जब तस्वीर आई तो देखते ही शादी के सपने सजा लिए. मगर जल्द ही ये सपने चकनाचूर हो गए और फिर खुला लाखों वाला एआई राज.
कुंवारों को फेक तस्वीर देख करते फ्रॉड. Ai image.
कानपुर : सोचिए आप अपने लिए सुंदर पत्नी ढूंढ रहे हों. आपको पतली, गोरी और इतनी ब्यूटीफुल दुल्हन मिल जाए कि देखते ही कोई भी कहे कि काश ये हमारे घर में आती तो आप भी प्यार में गिर ही जाएंगे और बिना सोचे-समझे उसे पाने के लिए पैसा खर्च करने लग जाएंगे. ऐसा ही कुछ कानपुर में एक शख्स के साथ हुआ. उसे लाइफ पार्टनर चाहिए था इसलिए उसने मैट्रिमोनियल साइट पर आईडी बना ली. यहां उसे सुंदर-सुंदर लड़कियां दिखने लगी. प्रोफाइल परफेक्ट और बात की तो आवाज भी मीठी-मीठी… फिर तस्वीर आई, बातचीत हुई, भरोसा बना. मगर, जिस दुल्हन को दिखाकर उससे रुपये वसूले जा रहे थे वो तो असल में थी ही नहीं. बल्कि एआई और एडिटिंग टूल्स की मदद से बनाई लड़की थी. दरअसल, एक गिरोह कुंवारों लड़कों को एआई तस्वीर दिखकर लाखों रुपये का चूना लगा रहा था.
यह है मामला
कानपुर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट और कॉल सेंटर चलाकर शादी के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था. पुलिस के मुताबिक, यह गैंग परफेक्ट रिश्ता, शादी मैच और शादी मैच इंडिया जैसे नामों से काम कर रहा था. मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक युवक ने पुलिस से शिकायत की कि उसने शादी के लिए एक मैट्रिमोनियल साइट पर रजिस्ट्रेशन कराया था. इसके बाद अलग-अलग फीस और चार्ज के नाम पर उससे करीब 4 लाख रुपये ले लिए गए, लेकिन शादी तो दूर, कोई असली रिश्ता भी नहीं मिला.
कई दिनों तक चली जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के निर्देश पर आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई. कई दिनों तक जांच और निगरानी के बाद पुलिस ने एक साथ तीन स्थानों पर छापेमारी की. पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म से युवकों का डाटा जुटाता था. इसके बाद कॉल सेंटर में बैठी टेलीकॉलर खुद को मैरिज काउंसलर बताकर संपर्क करती थीं.
एआई वाला राज
इतना ही नहीं, आरोपी इंटरनेट से महिलाओं की तस्वीरें डाउनलोड करते थे और फिर AI तथा एडिटिंग टूल्स की मदद से आकर्षक प्रोफाइल तैयार करते थे. इन नकली प्रोफाइल के जरिए लोगों को भरोसे में लेकर शादी का झांसा दिया जाता था. पहले रजिस्ट्रेशन फीस, फिर प्रोफाइल एक्टिवेशन फीस, उसके बाद रिश्ता फाइनल कराने की फीस और फिर बातचीत या मुलाकात कराने के नाम पर अलग-अलग रकम वसूली जाती थी.
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल का कहना है कि आरोपी पूरा गैंग बनाकर बगैर शादीशुदा लोगों को निशाना बनाते थे. उन्हें शादी के नाम पर फर्जी मैट्रिमोनियल साइट पर नाम रजिस्टर करते थे. गैंग ने लड़कियों को काम पर रखा था, जो कुंवारे लड़कों से बात करती थीं और कहती थीं कि तुम्हारा रिश्ता पक्का हो गया. फिर धीरे-धीरे कई तरह की फीस के नाम पर लाखों रुपए ले लेते थे. इन्होंने सालभर में हजारों लोगों को शिकार बनाया है, लेकिन शादी किसी की नहीं कराई.
इस मामले में पुलिस ने रंजीत नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि अमित कुमार, जागृति और एक अन्य युवक फरार है. पुलिस के मुताबिक, अमित कुमार लीगल सलाह देता था. कुछ लोगों ने ठगी होने पर उनके खिलाफ केस भी किया.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें