प्रभु राम के गुनहगारों ने मंदिर क्या क्या चुराया… कैसे चुराया.. CCTV के सामने की पूरी कहान
Sushant Sinha Desh Ki Pathshala: अयोध्या में जिस भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए राम भक्तों को 500 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा. जिस प्रभु श्रीराम के मंदिर के लिए सैंकड़ों राम भक्तों ने बलिदान दिया. जिस राम मंदिर को बनवाने के लिए करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी पूरी जमा पूंजी समर्पित कर दी और जिस राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भारत ही नहीं पूरी दुनिया के राम भक्तों ने बढ़ चढ़कर दान दिया. राम भक्तों के इसी दान पर डाका डाले जाने के आरोप लग रहे हैं. राम मंदिर से करोड़ों का चढ़ावा गायब होने का दावा किया जा रहा है. और इसे सनातनियों की आस्था से खिलवाड़ बताया जा रहा है.
योगी सरकार एक्शन के मूड में
सवाल सनातनियों की आस्था से जुड़ा है तो यूपी की योगी सरकार भी एक्शन में आ चुकी है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने ठान लिया है कि प्रभु राम के गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा. राम मंदिर से क्या क्या चुराया.. कैसे चुराया. CCTV के सामने की पूरी कहानी सामने आएगी. जिसके लिए योगी सरकार की SIT ने जांच भी शुरू कर दी है. SIT अब तक 40 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है
6 संदिग्ध SIT के रडार पर आ चुके हैं
एक-एक संदिग्ध से बंद कमरे में पूछताछ हो रही है. अन्य संदिग्धों के पास से लाखों रुपये कैश मिलने का दावा किया जा रहा है. लेकिन जांच में जिन 6 संदिग्धों पर शिकंजा कस रहा है. उनमें कुछ नाम ऐसे भी हैं, जिनका खुलासा होने के बाद करोड़ों का चढ़ावा गायब होने पर बवाल मचाने वालों के सुर बदलने लगे हैं.
आज पाठशाला में राम मंदिर से करोड़ों का चढ़ावा गायब होने के आरोपों और इस पर मचे बवाल की पूरी डिटेल. सबसे पहले बात राम मंदिर से करोड़ों का चढ़ावा गायब होने के मामले से जुड़े 6 संदिग्ध किरदारों की, जो SIT के रडार पर आ चुके हैं.
पहला किरदार- टिन्नू यादव
– श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के सहयोगी हैं.
– टिन्नू यादव ही राम मंदिर में आने वाले वाले चढ़ावे को बैंक में जमा करने का काम करते थे.
– एक वक्त ऑटो चलाने वाले टिन्नू यादव के पास 50 करोड़ की प्रॉपर्टी होने की वजह से SIT के रडार में आए.
दूसरा किरदार- मनीष यादव
– टिन्नू यादव के भतीजे मनीष यादव राम मंदिर में चढ़ावा गिनने वालों में शामिल हैं.
– आरोप है कि टिन्नू यादव ने ही अपने भतीजे मनीष यादव की नौकरी लगवाई थी.
– मनीष यादव की निशानदेही पर 36 लाख रुपये कैश मिलने का दावा किया जा रहा है.
तीसरा किरदार- केडी तिवारी
– राम मंदिर में दान में मिली सोने चांदी की मूर्तियों और गहनों की देखरेख की जिम्मेदारी
– हाल ही में 1.5 करोड़ की जमीन खरीदी
– 5 करोड़ की संपत्ति जुटाने का आरोप लगा है.
चौथा किरदार- राजेश पाठक
– चढ़ावे में आए नोटों की गिनती करने वाले कर्मचारियों में शामिल
– पिछले 5-6 सालों में जीवनशैली में अचानक आए बदलाव की वजह से शक के दायरे में आए.
पांचवां किरदार- लवकुश
– चढ़ावे में आए नोटों की गिनती करने वालों में शामिल
– घर से 10 लाख रुपये कैश बरामद होने की वजह से SIT के रडार में आए
छठा किरदार- अनुकल्प मिश्रा
– लवकुश के जीजा हैं, नोटों की गिनती करते थे.
– हाल ही में करीब 65 लाख का घर खरीदने और गांव में एक फार्म हाउस बनवाने की वजह से रडार में आए.
एक तरफ प्रभु श्रीराम के गुनाहगारों का सच सामने लाने के लिए सीएम योगी एक्शन में हैं. उसका असर भी दिखने लगा है. आरोपियों पर शिकंजा कसने लगा है. लेकिन SIT जांच पर राम मंदिर से कराड़ों का चढ़ावा गायब होने को लेकर सबसे पहले मोर्चा खोलने वाले अखिलेश यादव के सुर बदलते दिख रहे हैं. जिस अखिलेश यादव यादव इसे सनानतियों की आस्था से खिलवाड़ा बता रहे थे. सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग कर रहे थे. अब वो इस मामले की SIT जांच को सनातन का अपमान बताने लगे हैं. कैमरा बंद करके फैसला लेने की दलील दे रहे हैं.
राम मंदिर में चढ़ावे के नियम और उनकी कमियां-
- नियम: चढ़ावे की CCTV की निगरानी में रोजाना गिनती.
कमी: श्रद्धालु गिनती नहीं देख सकते, ना ही CCTV फुटेज जारी होते हैं. - नियम: रकम रजिस्टर में लिखकर लॉकर में रखना, अगले दिन बैंक में जमा करना
कमी: चढ़ावा की कोई आधिकारिक जानकारी नियमित रूप से सार्वजनिक नहीं - नियम: ऑडिट के बाद ही चढ़ावे की पूरी जानकारी सार्वजनिक, पिछली बार दिसंबर 2025 में जानकारी
कमी: दिसंबर 2025 से जून 2026 तक कितना चढ़ावा आया, कोई जानकारी नहीं - नियम: अधिकतर बड़े मंदिरों में ऑडिट का काम अंदरूनी लोग या सरकार करती है.
कमी: चढ़ावे की रकम के ऑडिट का पूरा काम प्राइवेट कंपनी TCS करती है
पिछली बार हुई गिनती तक राम भक्तों की ओर से राम मंदिर को कितना चढ़ावा मिल चुका था-
कब दी गई जानकारी- 13 दिसंबर 2025
कुल कितना चढ़ावा- 4575 करोड़
कितनी रकम खर्च- 2475 करोड़ (ट्रस्ट के मुताबिक ये रकम 5 साल 9 महीनों में मंदिर निर्माण, श्रीराम जन्मभूमि परिसर के विस्तार समते दूसरे कामों पर खर्चे गिए गए हैं)
कितना चढ़ावा बचा- 2100 करोड़