मूंज उत्पादों की होगी ब्रांडिंग, समूह की महिलाएं घर कर रहीं रोजगार, महीने की 30000 कमाई
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अमेठी जिले में स्वयं सहायता समूह के जरिए एक जनपद एक उत्पाद योजना में 69 उद्यमियों को रोजगार मिला है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार अभियान के अंतर्गत 165 लाभार्थियों को लाभ मिला है. इसके साथ ही समूह के जरिए करीब 8000 से अधिक समूह पूरे जनपद में काम कर रहे हैं. जो अलग-अलग उत्पाद तैयार करते हैं और उसकी बिक्री करते हैं लेकिन अब उनके तैयार उत्पादों की बिक्री आसानी से हो सकेगी. अमेठी के जिला अधिकारी संजय चौहान के मुताबिक जिले के उत्पादों की ब्रांडिंग आसनी से की जायेगी इसके साथ ही जो भी समान तैयार हुए हैं.
अमेठी: स्वयं सहायता समूह के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समय-समय पर सार्थक कदम उठाए जाते हैं. ऐसे में अब महिलाओं के उत्पादों की ब्रांडिंग और उसकी बिक्री के लिए उन्हें कहीं भटकना नहीं पड़ेगा. इसके लिए जिला प्रशासन एक अनोखा प्रयास करने जा रहा है. इस अनोखे प्रयास में समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री आसानी से हो सकें इसके लिए जनपद में एक छत के नीचे इन उत्पादों की बिक्री की जाएगीं.
इसके लिए महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है. स्वयं सहायता समूह के जरिए अलग-अलग चीज तैयार कर उसकी बिक्री आसानी से हो सकेगी और उसकी ब्रांडिंग के लिए जिला प्रशासन अब महिलाओं की मदद करेगा.
69 उद्यमियों को मिला रोजगार
आंकड़ों के मुताबिक अब तक अमेठी जिले में स्वयं सहायता समूह के जरिए एक जनपद एक उत्पाद योजना में 69 उद्यमियों को रोजगार मिला है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार अभियान के अंतर्गत 165 लाभार्थियों को लाभ मिला है. इसके साथ ही समूह के जरिए करीब 8000 से अधिक समूह पूरे जनपद में काम कर रहे हैं. जो अलग-अलग उत्पाद तैयार करते हैं. और उसकी बिक्री करते हैं लेकिन अब उनके तैयार उत्पादों की बिक्री आसानी से हो सकेगी. अमेठी के जिला अधिकारी संजय चौहान के मुताबिक जिले के उत्पादों की ब्रांडिंग आसनी से की जायेगी इसके साथ ही जो भी समान तैयार हुए हैं. उन्हें एक छत के नीचे बिक्री करवाने में जिला प्रशासन के द्वारा समूह की महिलाओं की मदद की जायेगी और स्वयं सहायता समूह की किस्मत बदलेगी.
30 रुपये की हो रही कमाई
बात अगर अमेठी जिले की करें तो अमेठी जिले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा आचार, चिप्स, पापड़, मुरब्बा, मोटे, अनाज के बिस्किट नमकीन आटा के साथ-साथ मूंज प्रोडक्ट के उत्पाद में कुर्सी मेज, दरी टोकरी पायदान डलिया झबिया के साथ खिलौने गुलदस्ता कपड़े के साथ मिट्टी के उत्पाद में मिट्टी के बरतन खिलौने के साथ अलग-अलग व्यवसाय के जरिए अलग-अलग सामान तैयार हो रहे हैं. इससे महिलाओं को हर महीने 25 से 30 हजार की कमाई के साथ सालाना लाखों रुपए की कमाई हो रही है और महिलाओं को रोजगार से आत्मनिर्भर बनाया गया है.
अमेठी जिले की एक युवा उद्यमी जो समूह में जुड़कर उत्पादों को तैयार करने के साथ-साथ बैंक सखी का काम करती हैं जूली खान ने बताया कि एक समूह में करीब 10 महिलाओं को जोड़ा जाता है उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है लेकिन अब जब समूह के उत्पादों की ब्रांडिंग की जाएगी उनकी बिक्री की जाएगी तो सबको कहीं भटकना नहीं पड़ेगा पहले से ही हमें समूह के जरिए रोजगार मिला है और अब इस प्रयास से हमें और मजबूती मिलेगी और महिलाओं को सशक्त बनने में फायदा होगा.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें