2 शिकायतें और 20 दावे… मिर्जापुर के जिम क्यों पड़े सूने, कैसे धर्मांतरण रैकेट की जांच से डर का है माहौल?
मिर्जापुर: गंगा किनारे बसा मिर्जापुर शहर लंबे समय से अपने कालीन उद्योग, मंदिरों और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता रहा है. हाल के वर्षों में इस शहर में एक नया बदलाव देखने को मिला था. युवाओं के साथ-साथ महिलाएं भी फिटनेस को लेकर जागरूक हो रही थीं और जिम जाना एक सामान्य गतिविधि बनता जा रहा था.पिछले दो सालों में ही शहर में सात नए फिटनेस सेंटर खुले और कुल जिमों की संख्या करीब 17 तक पहुंच गई. खास बात यह थी कि इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, यहां तक कि मध्यम उम्र की महिलाएं भी, नियमित रूप से कसरत के लिए आने लगी थीं. मगर, अब एक कथित ‘धर्मांतरण रैकेट’ की पुलिस जांच ने फिटनेस व्यापार को बड़ा झटका दिया है. पांच जिमों के मालिकों और ट्रेनरों पर गंभीर आरोप लगने के बाद पूरे शहर के जिमों में डर और असमंजस का माहौल है. जिम मालिकों का कहना है कि सबसे ज़्यादा असर जिम में आने वाली महिलाओं पर पड़ा है, जिनकी संख्या अचानक कम हो गई है.
‘मिस्टर मिर्जापुर’ से आरोपी तक… फैजल खान की कहानी
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा में आए नामों में 34 वर्षीय फैजल खान शामिल हैं. फैजल ने 2019 में ‘मिस्टर मिर्जापुर’ और 2022 में ‘मिस्टर पूर्वांचल’ का खिताब जीता था. बॉडीबिल्डिंग में उसकी पहचान के चलते जिम ट्रेनर की नौकरी उसके लिए एक आसान रास्ता थी. अब फैजल पर आरोप है कि वह उस कथित गिरोह का हिस्सा थे, जिसके बारे में पुलिस का दावा है कि वह शहर के पांच जिमों के जरिए काम कर रहा था. फैजल शादीशुदा हैं और एक छोटे बेटे के पिता हैं. हालांकि, उसके पिता अनवर अहमद खान, जो एक निजी कंपनी से रिटायर हो चुके हैं, अपने बेटे को बेगुनाह बताते हैं. उनका कहना है, पुलिस मेरे बेटे को सीधे जिम से उठाकर ले गई और बाद में इस मामले में गिरफ्तारी दिखा दी. मुझे नहीं पता कि पुलिस के पास मेरे बेटे के खिलाफ क्या सबूत हैं.
मिर्जापुर पुलिस के अनुसार, यह कथित रैकेट जिम में आने वाली महिलाओं को निशाना बनाता था. आरोप है कि महिलाओं को परेशान किया जाता था, उनकी तस्वीरों के जरिये ब्लैकमेल किया जाता था और उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला जाता था. अब तक पुलिस इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें केजीएन जिम चेन के मालिक और ‘मुख्य आरोपी’ बताया जा रहा इमरान खान, उसके भाई जहीर, फैजल खान, शादाब, फरीद अहमद, मोहम्मद शेख अली आलम, एक मौलवी खलीलुर रहमान और एक पुलिस कांस्टेबल इरशाद खान शामिल हैं. पुलिस इमरान के एक और भाई लकी अली की तलाश कर रही है. हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए किसी भी आरोपी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था.
सील हुए जिम, ठप पड़ा कारोबार
जांच के बाद प्रशासन ने शहर के पांच जिमों को सील कर दिया, जिनमें केजीएन चेन के तीन जिम शामिल हैं, जिन्हें मिर्जापुर की सबसे बड़ी जिम चेन माना जाता है. इन जिमों के सील होते ही आसपास के इलाकों में स्थित दूसरे फिटनेस सेंटर भी प्रभावित हुए हैं. कई जिम मालिकों का कहना है कि लोग अब जिम को शक की निगाह से देखने लगे हैं, भले ही उनका इस मामले से कोई लेना-देना न हो. एक जिम मालिक कहते हैं, अब जाकर हमारा बिजनेस ठीक से चलना शुरू हुआ था, लेकिन इस घटना ने सब कुछ पीछे धकेल दिया.
शिकायतें कम, सवाल ज़्यादा
पुलिस का दावा है कि इस गिरोह ने करीब 20 महिलाओं को निशाना बनाया. हालांकि, शुरुआती दो शिकायतों के बाद अब तक कोई और महिला औपचारिक शिकायत दर्ज कराने सामने नहीं आई है. कई कथित पीड़िता डर और सामाजिक दबाव के कारण सामने आने से हिचक रही हैं. पुलिस का यह भी दावा है कि उन्होंने कुछ महिलाओं से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वे शिकायत दर्ज कराने को तैयार नहीं हुईं. दूसरी ओर, आरोपियों के परिवार इस पूरे मामले पर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि कथित डिजिटल सबूत भी सिर्फ एक आरोपी के मोबाइल फोन से मिले हैं.
पुलिस के मुताबिक, इस कथित रैकेट की जानकारी सबसे पहले महिला हेल्पलाइन पर आई एक शिकायत से मिली. एक महिला ने केजीएन जिम के कोच मोहम्मद शेख अली आलम के खिलाफ गोपनीय रूप से शिकायत दर्ज कराई थी. शुरुआत में पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और आलम को पूछताछ के लिए बुलाया. जब वह पेश नहीं हुआ, तो पुलिस ने दोबारा संपर्क किया. इसी दौरान, आलम के मोबाइल फोन में एक पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला, जिसमें कई तस्वीरें, चैट रिकॉर्ड और AI से बनाई गई तस्वीरें थीं. कुछ तस्वीरों में हिंदू महिलाएं बुर्का पहने दिख रही थीं और कुछ तस्वीरें जिम के अंदर की थीं.
पीड़िताओं के आरोप
हेल्पलाइन पर कॉल करने वाली महिला एक कॉलेज छात्रा बताई जा रही है. उसने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि एक संगठित गिरोह AI-जनरेटेड तस्वीरों के ज़रिये महिलाओं को ब्लैकमेल करता था. उसका दावा है कि उस पर बुर्का पहनने, धार्मिक आयतें पढ़ने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. मना करने पर जान से मारने की धमकी दी गई और उससे पैसे भी वसूले गए. बाद में एक और महिला ने भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस का कहना?
मिर्जापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार मिश्रा का कहना है कि जांच अभी जारी है. अब तक हमें इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि इस समूह के राज्य में किसी अन्य धर्मांतरण मामले से संबंध हैं. सर्किल ऑफिसर मुनेंद्रपाल सिंह के अनुसार, पूछताछ और डिजिटल साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि जिमों के जरिये महिलाओं को टारगेट किया जा रहा था. आरोपियों ने पूछताछ के दौरान जुर्म कबूल किया है.
डर का माहौल
‘एनकाउंटर’ में घायल हुए फरीद अहमद के परिवार ने भी पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए हैं. उनकी मां सफिया बेगम का कहना है कि फरीद का कथित आरोपी इरशाद खान से एक साल पहले ही कोई रिश्ता नहीं था. इमरान खान और उनके भाइयों का घर भी बंद पड़ा है. पड़ोसियों के मुताबिक, पुलिस के लगातार आने-जाने के बाद परिवार इलाके से चला गया.
महिलाओं पर सबसे गहरा असर
इस पूरे मामले का सबसे बड़ा असर महिलाओं पर पड़ा है. कई युवतियों और उनके परिवारों में डर बैठ गया है. जिम जाने को लेकर अब दोबारा सोचने लगे हैं. एक 20 वर्षीय छात्रा साहिबा बाल्मीकि कहती हैं, महिलाओं के लिए सुरक्षा सबसे पहली ज़रूरत होती है. इस घटना ने हमारे आत्मविश्वास को भी नुकसान पहुंचाया है. हालांकि, जिम मालिक अब भरोसा वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ जिमों ने महिलाओं के लिए अलग समय तय किया है, महिला ट्रेनर रखे जा रहे हैं और ज़ुम्बा-एरोबिक्स जैसी क्लास शुरू की गई हैं. कई जिम संचालक खुद फोन करके क्लाइंट्स और उनके माता-पिता को भरोसा दिला रहे हैं कि उनके यहां माहौल सुरक्षित है.