500 करोड़ के घोटालेबाज ने रची सुपारी किलिंग की साजिश! गवाही से पहले चलवाई गोली
Last Updated:
गाजियाबाद में 500 करोड़ के वेब फ्रॉड मामले में गवाही रोकने के लिए IIT ग्रेजुएट अनुराग गर्ग ने सुपारी देकर अमित किशोर जैन पर हमला करवाया. मुठभेड़ के बाद दो शूटर गिरफ्तार हुए, जबकि आरोपी खुद बेल तुड़वाकर जेल चला …और पढ़ें
हाइलाइट्स
- गाजियाबाद पुलिस के हाथ लगी बड़ी कामयाबी
- मुठभेड़ में दो खूंखार अपराधी गिरफ्तार
- 500 करोड़ की ठगी के मामले में हत्या की साजिश
अग्निवीर की तैयारी कर रहे थे शूटर्स
गिरफ्तार शूटरों की पहचान अमित यादव और अश्वनी के रूप में हुई है. ये दोनों युवा अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे थे, लेकिन लालच और दबाव में आकर हत्या की सुपारी स्वीकार कर ली. 17 जून को इन्होंने गाजियाबाद के एक पार्क में अमित किशोर जैन पर गोली चलाई, लेकिन गोली सीधे न लगने से उनकी जान बच गई. पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपी घायल हुए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
मुख्य आरोपी अनुराग गर्ग, जिसने IIT रुड़की से बीटेक किया है, उसने 2017 में वेब वर्क नाम से एक पोंजी स्कीम वेबसाइट लॉन्च की थी. इस स्कीम में उसने लाइक करो और पैसे पाओ जैसे वादों से 500 करोड़ रुपये की ठगी की. जांच में यह भी सामने आया कि इस फ्रॉड को प्रमोट करने के लिए अनुराग ने बॉलीवुड सितारे शाहरुख खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी से विज्ञापन करवाए थे.
12वीं पास, स्कूल का मालिक, और हत्या की साजिश में शामिल
पुलिस के अनुसार, प्रियांशु गौतम, जो मात्र 12वीं पास है लेकिन बुलंदशहर में एक स्कूल का मालिक है, वह भी इस साजिश में शामिल था. उसे भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार वह सुपारी देने और शूटर्स को तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहा था.
पुलिस के अनुसार, अनुराग गर्ग ने जेल से बाहर आकर अमित किशोर जैन की गवाही रोकने के लिए यह हमला करवाया. अमित इस मामले में मुख्य शिकायतकर्ता और गवाह हैं, जिनकी जुलाई में अदालत में गवाही होनी थी. हत्या की सुपारी देने के बाद अनुराग ने खुद ही अपनी बेल तुड़वाकर जेल में सरेंडर कर दिया, जिससे कोई उसके ऊपर शक न करे.
सीबीआई और ईडी की रडार पर आरोपी
अनुराग गर्ग के खिलाफ चल रहे 500 करोड़ के वेब फ्रॉड की जांच अब सीबीआई और ईडी दोनों कर रही हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए इस साजिश में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है.