सुल्तानपुर के ‘पहलवान वीर बाबा’ की रहस्यमय कहानी, रात में भक्तों को देते दर्शन

0
सुल्तानपुर के ‘पहलवान वीर बाबा’ की रहस्यमय कहानी, रात में भक्तों को देते दर्शन


होमताजा खबरधर्म

सुल्तानपुर के ‘पहलवान वीर बाबा’ की रहस्यमय कहानी, रात में भक्तों को देते दर्शन

Last Updated:

Sultanpur News: पहलवान वीर बाबा का पेड़ उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में स्थित है, जहां के लोग बताते हैं कि यहां पर रात में पहलवान वीर बाबा स्वयं प्रकट होते हैं और लोगों को दर्शन देते हैं. आइए इस पेड़ की खास मान्यता के बारे में जानते हैं.

सुल्तानपुर: भारत प्राचीन काल से ही धार्मिक मान्यताओं वाला देश रहा है. यहां पर कई ऐसी ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल हैं, जहां पर कई ऐसी कहानी और मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनका रहस्य आज भी रहस्य ही बना हुआ है. इसी तरह एक ऐसा पहलवान वीर बाबा का पेड़ उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में है, जहां के लोग बताते हैं कि यहां पर रात में पहलवान वीर बाबा स्वयं प्रकट होते हैं और लोगों को दर्शन देते हैं.

हालांकि बहुत कम ही लोग इस पेड़ के पास जा पाते हैं, क्योंकि यह पेड़ भी काफी डरावना है. दरअसल आपको बता दें कि पहलवान वीर बाबा का यह मंदिर सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर धनपतगंज ब्लॉक के सोनबरसा गांव में पड़ता है, जहां पर इस तरह की रहस्यमई कहानी और मान्यता प्रचलित है.

यह है खास मान्यता
सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर धनपतगंज ब्लॉक के सोनबरसा गांव में स्थित पहलवान वीर बाबा के इस स्थल पर लोगों की बड़ी अजब-गजब मान्यता है. यहां के रहने वाले विजय बहादुर सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि रात में 12:00 बजे के बाद पहलवान वीर बाबा इस स्थल के पास प्रकट होते हैं और ऐसा माना जाता है कि यहां पर लोगों की जो भी मन्नतें होती हैं, वह पूरी होती हैं.

पहले डरते थे लोग
पहलवान वीर बाबा के इस स्थल के बगल में भयानक और डरावना बरगद का पेड़ है और वहीं पर एक पानी का तालाब भी है. ऐसा लोग बताते हैं कि इस पेड़ के आसपास रात में जो कोई व्यक्ति जाता था, पहले उसे काफी डर लगता था, क्योंकि पेड़ की आकृति और अजीब रहस्यमई आवाज लोगों को डराने का काम करती थी. लेकिन ग्रामीणों ने अब इस स्थल पर पहलवान वीर बाबा का पूजा पाठ करना शुरू कर दिया है, जिससे अब लोगों के मन से डर खत्म हो गया है और लोग यहां पर अब पूजा पाठ लोग करते हैं.

स्थित है बरगद का पेड़
वहीं ग्रामीण जितेन्द्र सिंह बताते हैं कि यह पेड़ काफी पुराना है. इस पेड़ के अगर क्षेत्रफल की बात करें, तो यह लगभग एक बीघा में फैला हुआ है. कुछ लोग इसे 400-500 साल पुराना ही मानते हैं. फैलाव को लेकर काफी दूर-दूर तक चर्चा होती है, क्योंकि बरगद का यह एक पेड़ अपनी टहनियों की वजह से एक बीघा में जगह-जगह पर मिट्टी से जुड़ गया है. गांव वालों के मुताबिक, यहां पहलवान पीर बाबा आज की रात में प्रकट होते हैं.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *