धान की पौध तैयार करने से पहले रखें इन 5 बातों का ध्यान… लागत कम, मुनाफा होगा बंपर
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Paddy Farming Tips : शाहजहांपुर के किसान धान की तैयारी में जुटे हैं. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, सही विधि से पौध तैयार करने पर कीटों का खतरा कम होता है और पैदावार अच्छी मिलती है. धान की पौध तैयार करने से पहले क…और पढ़ें
धान की पौध
हाइलाइट्स
- धान की पौध 15 से 20 मई तक डालें.
- खेत की अच्छी जुताई और मिट्टी उपचारित करें.
- बीज शोधन से कीटों से बचाव और बेहतर उत्पादन.
शाहजहांपुर : गेहूं की कटाई के बाद, किसान अब धान की फसल की तैयारी में जुट गए हैं. धान की रोपाई आमतौर पर जून के दूसरे हफ्ते से शुरू होती है, जिसके लिए पौध पहले से तैयार करनी पड़ती है. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अच्छी तरह से तैयार की गई पौध से धान की फसल में कीटों का खतरा कम होता है और पैदावार अच्छी मिलती है.
कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर के प्रभारी डॉ. एन.सी. त्रिपाठी ने बताया कि लंबी अवधि में पकने वाली धान की किस्मों की पौध 15 से 20 मई तक डाल देनी चाहिए. हालांकि, महीन किस्मों के धान की पौध अभी न डालें. उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसान अच्छी किस्मों का चुनाव करें और बीज व मिट्टी को उपचारित करके पौध डालें, तो उनकी धान की फसल कीटों से सुरक्षित रहेगी और उन्हें बेहतर उत्पादन मिलेगा.
धान के पौध डालने से पहले करें ये काम
पौध डालने से पहले खेत को अच्छी तरह से जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा बना लें. प्रति एकड़ 2 किलोग्राम की दर से ट्राइकोडर्मा डालकर मिट्टी को उपचारित करें. इसके बाद एक मीटर चौड़ी क्यारियां बना लें. किसान अपनी सुविधा के अनुसार क्यारियों की लंबाई रख सकते हैं. क्यारियों में पौध की बुवाई करने से पानी की बचत होगी और किसान क्यारी की मेड़ पर बैठकर खरपतवारों का नियंत्रण भी आसानी से कर सकेंगे, जिससे पौध खराब नहीं होगी.
इन खास बातों का रखें ध्यान
खेत को अच्छी तरह से तैयार करने के साथ-साथ धान की किस्म का चुनाव भी महत्वपूर्ण है.
किसान अपने क्षेत्र के लिए अनुमोदित किस्मों का ही चयन करें.
15 बीघा खेत में रोपाई के लिए एक बीघा में पौध की बुवाई करें.
एक हेक्टेयर में धान की रोपाई के लिए 20 से 25 किलोग्राम मोटे धान का बीज पर्याप्त होगा.
महीन धान और संकर किस्मों के लिए लगभग 15 से 17 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है.
बीज शोधन जरूर करें
बीज शोधन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रमाणित कंपनी से बीज खरीदकर उसे पानी में भिगो दें. पानी में प्रति किलोग्राम बीज के लिए ढाई ग्राम कार्बांडाजिम मिलाएं. बीज को 24 घंटे तक पानी में भिगोने के बाद निकालकर टाट की बोरी या पराली से ढक दें. जब बीज में हल्का अंकुर निकल आए, तो तैयार खेत में पानी भरकर धान के बीज को बिखेर दें.